कोच: अभिषेक नायर, असिस्टेंट कोच: शेन वॉटसन, मेंटर: ड्वेन ब्रावो, गेंदबाजी कोच: टिम साउदी, पावर कोच: आंद्रे रसेल, फील्डिंग कोच: दिशांत याग्निक.
ये आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स के कोचिंंग स्टाफ का परिचय मात्र है. इसके अलावा भी इस टीम में आधा दर्जन से अधिक सपोर्ट स्टाफ का जखीरा है .लेकिन टीम अब तक 5 में से 4 मैच गंवा चुकी है, उसका एक मैच रद्द हुआ है. कुल मिलाकर आईपीएल में पॉइंट्स टेबल में यह कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम सबसे निचले पायदान पर है.
ऐसे में मिर्जा गालिब के शेर में 'दिल-ए-नादाँ' की जगह केकेआर को कुछ देर के लिए मान लिया जाए तो बात कुछ ऐसी होगी...
केकेआर तुझे हुआ क्या है
आख़िर इस दर्द की दवा क्या है ?
सवाल वही कि केकेआर को आखिर हुआ क्या है? जिस टीम में आखिर 25.20 करोड़ के कैमरन ग्रीन हैं, 13 करोड़ के रिंकू सिंह हैं. उस टीम में हार की बड़ी वजह क्या है? शाहरुख खान की टीम में स्टार खिलाड़ी की कोई कमी नहीं है, इसके बावजूद बैटिंग-बॉलिंग दोनों फेल हो रहे हैं, लगातार बैटिंग ऑर्डर बदलाव, रोल क्लियरिटी की कमी और अनुभवहीन पेस अटैक ने टीम को सबसे खराब शुरुआत दी. शाहरुख खान का मेगा इन्वेस्टमेंट भी रंग नहीं दिखा पा रहा है.
वो तो एक मैच पंजाब किंग्स के खिलाफ केकेआर का बारिश से धुल गया, जहां उस मैच की बदौलत ही 1 पॉइंट मिला है. ये केकेआर की आईपीएल इतिहास की खराब शुरुआत में से एक है.
इस बार कैमरन ग्रीन को 25.20 करोड़ में मिनी ऑक्शन में खरीदा गया था, तो वो IPL ऑक्शन के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बन गए. ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर से बैटिंग और बॉलिंग दोनों में कमाल की उम्मीद थी, लेकिन वो ना तो रन बना पा रहे हैं और ना ही विकेट ले पा रहे हैं. कोलकाता के लिए इस आईपीएल में 5 मैचों की 5 पारियों में अब तक उन्होंने 56 रन बनाए हैं. जहां उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 32 नाबाद रहा .
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ग्रीन का बल्लेबाजी एवरेज 14 और स्ट्राइक रेट 143.58 रहा है. इस दौरान उनके बल्ले से 5 चौके और 2 छक्के आए हैं. गेंदबाजी में तो उनके आंकडे बेहद नीरस है. 5 मैचों की 2 पारियों में उन्होंने 24 गेंदों पर 58 रन पड़वाए हैं और एक विकेट झटक पाए हैं.
दूसरा बड़ा कारण रिंकू सिंह का फॉर्म भी रहा है, उनको इस आईपीएल की शुरुआत से पहले टीम का उपकप्तान बनाया गया, 13 करोड़ में रिटेन किया गया. उनको केकेआर का भरोसेमंद फिनिशर माना जाता था, लेकिन इस सीजन उनका फॉर्म बहुत शानदार नहीं रहा है.
The sweet taste of a home victory 🥳
— IndianPremierLeague (@IPL) April 14, 2026
Making it two massive wins in a row ✌️ @ChennaiIPL are 𝘽𝙪𝙞𝙡𝙙𝙞𝙣𝙜 𝙩𝙝𝙚 𝙈𝙤𝙢𝙚𝙣𝙩𝙪𝙢 in front of the home fans 💛
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5 छक्के मारकर अपनी टीम 2023 में यादगार जीत दिलाने वाले रिंकू ने भी टीम को हताश किया है. अब तक उनका बल्ला चुप है. जो टीम के मिडिल ऑर्डर को और कमजोर कर रहा है. वो अब तक 5 आईपीएल मैचों की 4 पारियों में महज 78 रन बना सके हैं. मौजूदा आईपीएल में उनका एवरेज 26 और स्ट्राइक रेट 120 का है.
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इसे रिंकू के पूरे आईपीएल करियर से भी तुलना करें तो यह बात मेल नहीं खाती है. आईपीएल के कुल 64 मैचों की 55 पारियों में रिंकू ने 1177 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका एवरेज 30.17 और स्ट्राइक रेट 143.18 है . यानी यह तो साफ है कि रिंकू अपने ओवरऑल एवरेज और स्ट्राइक रेट को भी मैच नहीं कर पा रहे हैं.
वहीं कोलकाता टीम की ओपनिंग जोड़ी में भी बदलाव देखने को मिला. मुंबई के खिलाफ पहले तो सनराइजर्स के खिलाफ दूसरे मैच में कप्तान अंजिक्य रहाणे फिन एलन ने ओपनिंग की. तीसरा मैच बारिश की वजह से पंजाब के खिलाफ रद्द रहा.
लखनऊ के खिलाफ चौथे मैच में अंजिक्य रहाणे- फिन एलन की जोड़ी ने ही ओपनिंग की. 14 अप्रैल को जो मैच हुआ, उसमें फिन एलन और सुनील नरेन ओपनिंग करने आए. कुल मिलाकर बल्लेबाजी विभाग में सबसे बड़ी समस्या है लगातार बदलते ऑर्डर और रोल क्लियरिटी की कमी.
कप्तान अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में टीम हर मैच में प्लेइंग इलेवन और बैटिंग पोजीशन बदल रही है. नतीजा: कोई बैटर अपनी भूमिका समझ नहीं पा रहा है. पावरप्ले में भी शुरुआत धीमी रही है. फिर मिडिल ओवरों में रन रेट नहीं बढ़ पाना और डेथ ओवरों में विकेट गिरना , ये पैटर्न हर मैच में दोहराया जा रहा है.
बॉलिंग की बात करें तो वरुण चक्रवर्ती से काफी उम्मीद थी, लेकिन वो भी अब तक प्रभावशाली नहीं दिखे. अनुभवहीन पेस अटैक की वजह से समस्या और बढ़ गई. हर्षित राणा चोटिल होकर बाहर हैं, मथीशा पथिराना (18 करोड़) की फिटनेस पर सवाल हैं और मुस्तफिजुर रहमान की अनुपलब्धता भी खली है. रहमान की जगह ब्लेसिंग मुजारबानी आए लेकिन वो कुछ भी धमाल नहीं कर पाए हैं.
इसका नतीजा यह हुआ कि विरोधी टीमों ने आसानी से रन बनाए और केकेआर का बॉलिंग यूनिट बेअसर साबित हुआ. फील्डिंग भी स्टैंडर्ड से नीचे रही, जिसने कई मैचों में अतिरिक्त रन दिए हैं. चेन्नई के खिलाफ मैच के दौरान कोलकाता की गेंदबाजी भी सवालों के घेरे में रही. पूरी पहली पारी खत्म करने में टीम को 1 घंटा 51 मिनट लगे. इस दौरान गेंदबाजों ने कुल 11 वाइड फेंके, जिसमें वैभव अरोड़ा और अनुकूल रॉय ने 4-4 वाइड डाले. अहम मौकों पर अतिरिक्त रन देना टीम को भारी पड़ा.
केकेआर टीम के एक्स फैक्टर सुनील नरेन भी 4 मैचों में मैचों में महज 36 रन बना पाए हैं. वहीं गेंदबाजी में उनके नाम 3 विकेट हैं, लेकिन उनका इकोनॉमी रेट 6.86 है. कुल मिलाकर नरेन बल्लेबाजी में उतने प्रभावशाली नहीं रहे हैं.
केकेआर के सपोर्ट स्टाफ में ड्वेन ब्रावो, शेन वॉटसन और आंद्रे रसेल जैसे नाम हैं, लेकिन मैदान पर प्लानिंग और एक्जीक्यूशन दोनों में चूक हो रही है ट्रिकी पिचों पर बैटिंग अप्रोच सही नहीं निकली है, ऐसे में टीम बैलेंस पर भी सवाल उठ रहे हैं. टॉप ऑर्डर में बैटर्स की भरमार है, लेकिन फिनिशिंग और बॉलिंग दोनों में कमी साफ दिख रही है.
शाहरुख खान की टीम 2024 सीजन की चैम्पियन रही है, कुल मिलाकर 3 बार की चैम्पियन, लेकिन इस बार शुरुआत इतनी खराब कि वापसी मुश्किल नजर आ रही है. 25 करोड़ के ग्रीन, 13 करोड़ का रिंकू और बाकी बड़े नाम अभी तक कोई जादू नहीं दिखा पाए. अब देखना होगा कि केकेआर मैनेजमेंट अगले मैचों में क्या बदलाव लाती है, वरना प्लेऑफ की राह और भी लंबी हो सकती है.
KKR बैटर्स का प्रदर्शन IPL 2026 में (5 मैचों के आधार पर)
KKR बॉलर्स का प्रदर्शन IPL 2026 में (5 मैचों के आधार पर)
कोलकाता नाइट राइडर्स का मौजूदा आईपीएल 2026 में सफर
वैसे कोलकाता नाइट राइडर्स की कहानी इस सीजन में कमजोर दिख रही है, टीम टुकड़ों में अच्छा खेल रही है, लेकिन मैच जीतने वाली पूरी परफॉर्मेंस अभी तक नहीं आई है. टॉप ऑर्डर में अंगकृष रघुवंशी और अजिंक्य रहाणे ने जिम्मेदारी निभाई है, लेकिन मिडिल और डेथ ओवर्स में बल्लेबाजी बार-बार लड़खड़ाई है.
बॉलिंग में भी यही हाल है. सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता दिखी, जबकि पेस अटैक असर छोड़ने में नाकाम रहा है. चोट, खराब फॉर्म और इम्पैक्ट की कमी ने गेंदबाजी को कमजोर कड़ी बना दिया है.
महंगे खिलाड़ी जैसे कैमरन ग्रीन और रिंकू सिंह अब तक उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं, जिससे टीम का बैलेंस बिगड़ा है. 5 मैचों में 4 हार और 1 नो रिजल्ट ये बताने के लिए काफी है कि KKR को सिर्फ छोटे सुधार नहीं, बल्कि बड़े बदलाव की जरूरत है, वरना प्लेऑफ की रेस जल्दी ही दूर हो सकती है.