भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर उठे विवाद पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व प्रमुख नजम सेठी ने आजतक से खास बातचीत की.
इस बातचीत में सेठी ने साफ कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच पूरी तरह संभव है और इस समय पर्दे के पीछे बातचीत जारी है. उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने जानबूझकर पहले ही अपने फैसले की घोषणा की ताकि बातचीत का रास्ता खुला रहे. सेठी का मानना है कि अभी भी समाधान निकल सकता है, जैसे बांग्लादेश को श्रीलंका में खेलने की अनुमति देना.
नजम ने कहा बीसीसीआई हमें लगातार दबाव में रख रहा है, अब इसे रोकने की जरूरत है, वहीं उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे बातचीत जारी है, बीच का रास्ता निकल सकता है और भारत-पाकिस्तान मैच होने की संभावना अब भी बनी हुई है. अगर आईसीसी अपने रुख में नरमी नहीं दिखाता, तो पाकिस्तान क्रिकेट किसी भी कानूनी लड़ाई के लिए तैयार है.
सेठी ने पाकिस्तान सरकार के भारत के खिलाफ मैच न खेलने के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि क्रिकेट बोर्ड आखिरकार अपनी सरकार के निर्देशों से बंधे होते हैं. उन्होंने पुराने कानूनी मामलों का हवाला देते हुए कहा कि जब भारत सरकार ने BCCI को खेलने से रोका, तब ICC ने उसे स्वीकार किया था, तो अब पाकिस्तान के फैसले पर सवाल क्यों हो रहा है.
पूर्व PCB चीफ ने ICC और BCCI पर ‘डबल स्टैंडर्ड’ अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत की आर्थिक ताकत के कारण ICC फैसले एकतरफा हो जाते हैं. उन्होंने एशिया कप के हाइब्रिड मॉडल, भारत द्वारा पाकिस्तान दौरे से इनकार और पहले से साइन सीरीज को अचानक रद्द करने जैसी घटनाओं का जिक्र किया.
सेठी के मुताबिक मौजूदा विवाद की असली वजह बांग्लादेश के साथ हुआ व्यवहार है. उन्होंने दावा किया कि इसी मुद्दे पर पाकिस्तान और बांग्लादेश एक साथ खड़े हुए हैं. हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह उनका निजी मत है और वह PCB के प्रवक्ता नहीं हैं.
वहीं ICC के संभावित प्रतिबंधों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कानूनी सलाह ले ली है और किसी भी सख्त कदम का अदालत में सामना करने को तैयार है. बातचीत के अंत में सेठी ने कहा कि राजनीति ने दक्षिण एशियाई क्रिकेट पर गहरी छाया डाल दी है और खेल की भावना तभी बचेगी जब सभी देश आपसी सम्मान के साथ मैदान में उतरें.