आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 64 रनों से रौंद दिया. रविवार (14 जून) को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर हुए मैच में भारत की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने धमाकेदार प्रदर्शन किया.
इस स्टार ऑलराउंडर ने चार ओवर में महज 10 रन दिए और 5 विकेट झटके. विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत की ओर से किसी मैच में ये सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन रहा.
दीप्ति ने रेणुका सिंह ठाकुर का रिकॉर्ड तोड़ा. भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 170 रन का स्कोर बनाया था. जिसके जवाब में पाकिस्तानी टीम महज 106 रन पर ही सिमट गई.
दीप्ति के इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब भी मिला. मैच के बाद दीप्ति शर्मा ने अपनी शानदार गेंदबाजी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह अपने प्रदर्शन से बेहद संतुष्ट हैं.
4️⃣ overs
— BCCI Women (@BCCIWomen) June 14, 2026
1️⃣0️⃣ runs
5️⃣ WICKETS 💥
𝗔𝗯𝘀𝗼𝗹𝘂𝘁𝗲𝗹𝘆 𝗽𝗵𝗲𝗻𝗼𝗺𝗲𝗻𝗮𝗹 from Deepti Sharma who records her career-best T20I bowling figures 🫡
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दीप्ति शर्मा ने मैच के बाद बजरंग बली को याद किया. उन्होंने कहा, 'मुझे ऐसे विकेटों पर गेंदबाजी करना पसंद है. टीम के सभी खिलाड़ियों का योगदान शानदार रहा और इस प्रदर्शन का श्रेय पूरी टीम को जाता है. आईसीसी टूर्नामेंट हमेशा मेरे लिए खास रहे हैं. मैंने अपने करियर की शुरुआत भी बड़े मंच से की थी और एक बार फिर यहां अच्छा प्रदर्शन करके खुशी हो रही है.'
दीप्ति ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत को शुरुआती सफलता दिलाते हुए मैच का रुख बदल दिया. उन्होंने बताया कि पिच से स्पिन गेंदबाजों को मदद मिल रही थी, इसलिए उन्होंने अपनी गति में बदलाव किया और धैर्य के साथ सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी की.
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उन्होंने कहा, 'गेंद टर्न ले रही थी, इसलिए मैंने थोड़ी धीमी गेंदें फेंकी और अपनी योजनाओं पर भरोसा बनाए रखा. मेरा फोकस लगातार सही क्षेत्रों में गेंद डालने पर था.'
Deepti Sharma said - "Lord Hanuman Ji is Great, special thanks to Hanuman Ji". ♥️#INDvsPAK pic.twitter.com/tUoHjzMkZA
— Indian Cricket (@IPL2025Auction) June 15, 2026
हाल के मुकाबलों में विकेटों की कमी को लेकर पूछे गए सवाल पर दीप्ति ने कहा कि उन्होंने कभी दबाव महसूस नहीं किया. उनका मानना था कि मेहनत का फल सही समय पर जरूर मिलेगा.
उन्होंने कहा, 'विकेट नहीं मिलने से मैं परेशान नहीं थी. मुझे अपनी क्षमताओं पर पूरा भरोसा था और विश्वास था कि जब टीम को मेरी जरूरत होगी, तब मैं योगदान देने में सफल रहूंगी.'