उत्तराखंड की हरी-भरी वादियों में स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम आज आस्था के महासागर में तब्दील हो चुका है. बाबा नीम करौली महाराज के स्थापना दिवस पर देश-दुनिया से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं. सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और हर ओर बाबा के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है. देखा गया कि सुबह के नौ तक पच्चीस हजार श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर महाप्रसाद ग्रहण कर चुके थे.
श्रद्धालु, बाबा के दर्शन कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं. वहीं विशाल भंडारे में हजारों लोग बाबा का महाप्रसाद ग्रहण कर रहे हैं. मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है.
कैंचीधाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि बाबा के चमत्कारों और उनकी दिव्य लीलाओं का साक्षी भी है. मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार एक बार विशाल भंडारे के दौरान घी समाप्त हो गया था और तत्काल घी की व्यवस्था संभव नहीं थी. तब बाबा ने भक्तों को नदी से तीन कनस्तर पानी लाने का आदेश दिया.
श्रद्धालुओं का कहना है कि जब वह पानी कड़ाहियों में डाला गया तो वह घी में परिवर्तित हो गया और भंडारा बिना किसी बाधा के चलता रहा. कहते हैं कि कुछ समय बाद जब हल्द्वानी से घी पहुंच गया तो बाबा मुस्कुराए और बोले, 'अब जाओ, गंगा मैया का घी उन्हें वापस कर आओ.' बाबा के इस चमत्कार की चर्चा आज भी श्रद्धालुओं की जुबान पर है.
भक्त यह भी बताते हैं कि बाबा ने वर्षों पहले भविष्यवाणी की थी कि एक समय ऐसा आएगा जब लोग चींटियों की तरह कैंचीधाम आएंगे और यहां एक पूरा शहर बस जाएगा. आज कैंचीधाम में उमड़ती लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखकर उनकी यह बात सच होती दिखाई देती है.
कैंची धाम से आज जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे केवल एक मेले की नहीं, बल्कि बाबा नीम करौली महाराज के प्रति करोड़ों लोगों की अटूट आस्था और विश्वास की कहानी बयां कर रही हैं. कहते हैं कि बाबा नीम करौली महाराज के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता और यही आस्था आज देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर से श्रद्धालुओं को इस पावन धाम तक खींच लाई है.
प्रशासन और मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. सुरक्षा व्यवस्था से लेकर यातायात प्रबंधन तक हर व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. कमिश्नर कुमाऊं दीपक रावत, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, डीएम नैनीताल ललितमोहन रयाल और एसएसपी मंजूनाथ टीसी लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.