भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. इंग्लैंड दौरे के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर के सपोर्ट स्टाफ का दो साल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है.
ऐसे में बीसीसीआई ने सहायक कोच रयान टेन डोशेट, गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल और फील्डिंग कोच टी. दिलीप के भविष्य पर चर्चा शुरू कर दी है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल और सहायक कोच रयान टेन डोशेट को टीम के साथ बनाए रखना चाहता है. दोनों ने पिछले दो वर्षों में भारतीय टीम के साथ अच्छा काम किया है.
खासकर मोर्ने मोर्केल की देखरेख में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि टेन डोशेट टीम की रणनीति और खिलाड़ियों के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
यह भी पढ़ें: 'हमें लगा यही बेहतर कॉम्बिनेशन होगा...', वैभव सूर्यवंशी को बाहर करने पर श्रेयस अय्यर ने तोड़ी चुप्पी
वहीं फील्डिंग कोच टी. दिलीप की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है. पिछले कुछ महीनों में भारतीय टीम की फील्डिंग में लगातार गिरावट आई है और कई अहम मुकाबलों में खिलाड़ियों ने आसान कैच छोड़े हैं.
इसी वजह से बीसीसीआई फील्डिंग विभाग में बदलाव करने के मूड में है. रिपोर्ट्स के अनुसार, टी. दिलीप को दोबारा एक्सटेंशन मिलने की संभावना बेहद कम है.
टी. दिलीप राहुल द्रविड़ के कोचिंग कार्यकाल में टीम इंडिया से जुड़े थे और उन्होंने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए 'बेस्ट फील्डर मेडल' की शुरुआत की थी, जिसे काफी पसंद किया गया.
यह भी पढ़ें: IND vs ZIM: जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया में बड़ा फेरबदल, इस लेग-स्पिनर की एंट्री
राहुल द्रविड़ के जाने के बाद भी वह सपोर्ट स्टाफ में बने रहे और 2025 में उनका कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया गया था. हालांकि अब बीसीसीआई टीम की फील्डिंग में सुधार के लिए नए चेहरे की तलाश कर सकता है.
बीसीसीआई जल्द ही इस पूरे सपोर्ट स्टाफ को लेकर अंतिम फैसला ले सकता है, क्योंकि इस साल भारत को न्यूजीलैंड का अहम दौरा करना है. फिर अगले साल साउथ अफ्रीका में वनडे विश्व कप खेला जाना है. बोर्ड चाहता है कि इन बड़े टूर्नामेंटों से पहले कोचिंग स्टाफ को लेकर पूरी तस्वीर साफ हो जाए.