सिकेड्स (Cicades) जैसे कीड़ों के पंखों (Wings) में बैक्टीरिया को मारने की क्षमता होती है. इन पंखों से प्रेरित होकर वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल टेक्स्चर (Natural Antibacterial Texture) बनाया है. इससे खाद्य उत्पादों को बैक्टीरिया से मुक्त रखने वाली पैकेजिंग बनाई जा सकती है. इसकी वजह से कचरा भी कम निकलता है. प्राकृतिक होने की वजह से जमीन में गल भी जाता है.
ऑस्ट्रेलिया और जापान के वैज्ञानिकों ने सिकेड्स कीड़ों के पंखों से प्रेरित होकर प्रयोगशाला में नैनोटेक्स्चर वाला एंटीबैक्टीरियल पदार्थ बनाया, जो 70 फीसदी बैक्टीरिया को खत्म कर देता है. आमतौर पर इंसानों के लिए उपयोग किया जाने वाले खाद्य पदार्थों में से 30 फीसदी कचरा हो जाता है. पूरा का पूरा खाद्य उत्पाद बैक्टीरिया मिलते ही रिजेक्ट कर दिया जाता है. इससे काफी नुकसान होता है.

बैक्टीरिया की वजह से मीट और डेयरी उत्पादों के खराब होने की आशंका ज्यादा रहती है. निर्यात होने वाले ऐसे पदार्थों पर अगर नई एंटीबैक्टीरियल टेक्स्चर कोटिंग कर दी जाए तो उन्हें ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी. औद्योगिक स्तर पर बहुत ज्यादा बचत और फायदा होगा. RMIT यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर इलेना इवानोवा बताया कि हमने सिकेड्स जैसे कीड़ों के पंखों से निकलने वाले प्राकृतिक पदार्थ को सिंथेटिक पदार्थ के ऊपर चढ़ाकर उसका एक नैनो टेक्स्चर बनाया. यह टेक्स्चर बैक्टीरिया को 70 फीसदी तक मार सकता है. इससे खाद्य पदार्थों की लाइफ बढ़ जाती है.
-shredding insect wings inspire new antibacterial packaging
— Phys.org (@physorg_com)
इलेना ने कहा कि सिकेड्स और ड्रैगनफ्लाई के पंख बैक्टीरिया को मारने में बहुत ज्यादा सक्षम होते हैं. ये पंख असल में बैक्टीरिया के हत्यारे होते हैं. हमें यहीं से प्रेरणा मिली. हम भविष्य में इसे बड़े पैमाने पर बनाने की योजना बना रहे है. ताकि औद्योगिक स्तर पर निर्यात होने वाले खाद्य पदार्थों को ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रखा जा सके. यह स्टडी हाल ही में जर्नल में प्रकाशित हुई है.