अगले हफ्ते एक एस्टरॉयड हमारी धरती के बहुत करीब से गुजरने वाला है. इसका नाम है 2026 JH2. साइंटिस्ट कह रहे हैं कि आसमान में इतना पास आना टकराव के बिना बहुत मुश्किल है. लेकिन अच्छी बात यह है कि यह धरती से टकराएगा नहीं. वैज्ञानिकों ने पूरी गणना कर ली है. अगले सौ साल तक भी कोई खतरा नहीं दिख रहा है.
एस्टरॉयड छोटे-छोटे चट्टानी टुकड़े होते हैं जो सूरज के चारों ओर घूमते रहते हैं. इन्हें छोटे ग्रह भी कहते हैं. ज्यादातर एस्टरॉयड मंगल और बृहस्पति के बीच की पट्टी में रहते हैं. लेकिन कुछ एस्टरॉयड अपनी कक्षा बदलकर धरती के पास आ जाते हैं. इन्हें नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट्स कहते हैं. 2026 JH2 भी इन्हीं में से एक है. यह अपोलो क्लास का एस्टरॉयड है यानी इसकी कक्षा धरती की कक्षा को पार करती है.
यह भी पढ़ें: बीयर पीने वालों को ज्यादा क्यों काटते हैं मच्छर, वैज्ञानिकों को मिला बड़ा सुराग
यह एस्टरॉयड कुछ ही दिन पहले खोजा गया है. अमेरिका के कैनसास और एरिजोना के स्पेस ऑब्जरवेटरी के वैज्ञानिकों ने इसे देखा है. अभी तक इसे सिर्फ 24 बार ट्रैक किया गया है. इसलिए वैज्ञानिक इसके साइज, स्पीड और रास्ते को और बेहतर तरीके से समझने की कोशिश कर रहे हैं.
कितना करीब आएगा यह एस्टरॉयड?
यह एस्टरॉयड धरती से सिर्फ 90,917 किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा. यह दूरी चंद्रमा तक की दूरी का लगभग एक चौथाई है. चांद हमसे 3,84,000 किलोमीटर दूर है. यानी यह एस्टरॉयड चंद्रमा की तुलना में बहुत ज्यादा पास आएगा.
एस्ट्रोनॉमर मार्क नॉरिस कहते हैं कि इतना पास आना बिना टकराए निकल जाना बहुत ही करीबी माना जाता है. लेकिन 90,000 KM काफी सुरक्षित दूरी है. इसमें कोई टकराव की आशंका बिल्कुल नहीं है.

साइज और खतरा कितना है?
वैज्ञानिकों के अनुसार यह एस्टरॉयड 50 से 100 फीट मोटा का हो सकता है. इतना साइज एक छोटे भवन जितना है. इसका वजन काफी है. अगर यह गिर जाए तो पूरे शहर को नष्ट कर सकता है. लेकिन चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह धरती से टकराएगा नहीं. नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी ने इसके ब्राइटनेस और रोशनी को देखकर यह अनुमान लगाया है. अभी और ज्यादा जानकारी इकट्ठा की जा रही है.
क्या हमें डरना चाहिए?
वैज्ञानिकों ने साफ कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है. कंप्यूटर सिमुलेशन बताते हैं कि कम से कम अगले सौ साल तक इस एस्टरॉयड का धरती से टकराने का कोई खतरा नहीं है.
यह भी पढ़ें: अल-नीनो आएगा और दुनिया में लड़ाई-झगड़े बढ़ाएगा, नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
धरती हर साल कई छोटे एस्टरॉयडों के पास से गुजरती है. ज्यादातर तो वायुमंडल में जल जाते हैं. बड़े वाले बहुत कम होते हैं और उनकी निगरानी की जाती है. अभी इसके रास्ते को और सटीक बनाया जा रहा है. जैसे-जैसे ज्यादा ऑब्जर्वेशन होंगे, वैज्ञानिक और बेहतर बता सकेंगे. लेकिन फिलहाल सब सुरक्षित है.
ब्रह्मांड में हमारा स्थान कितना छोटा है. एस्टरॉयड जैसी चीजों पर नजर रखना कितना जरूरी है. दुनिया भर के ऑब्जरवेटरी रोज ऐसे ऑब्जेक्ट्स को ट्रैक करती रहती हैं ताकि अगर कभी कोई खतरा हो तो पहले ही तैयारी की जा सके.