दक्षिण प्रशांत महासागर में टोंगा द्वीपसमूह के पास मंगलवार को एक मजबूत भूकंप आया. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार इसकी तीव्रता 7.6 है. इसकी गहराई लगभग 237 किलोमीटर थी. भूकंप समुद्र के अंदर था. टोंगा के दूसरे सबसे बड़े शहर नेइआफू से करीब 153 किलोमीटर पश्चिम में. अभी तक किसी भी प्रकार के नुकसान या हानि की कोई खबर नहीं आई है.
गहराई क्यों मायने रखती है?
भूकंप की गहराई बहुत महत्वपूर्ण होती है. जितना भूकंप सतह के करीब होता है, उतना ही ज्यादा झटका महसूस होता है. इस बार भूकंप 237 किलोमीटर गहराई पर आया, जो काफी गहरा है. इसी वजह से सतह पर झटका कम महसूस हुआ. कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. अगर यही भूकंप 10-20 किलोमीटर की गहराई पर आता तो टोंगा के द्वीपों पर बहुत ज्यादा तबाही हो सकती थी.
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Notable quake, preliminary info: M 7.6 - 153 km W of Neiafu, Tonga https://t.co/4m6zeROzop
— USGS Earthquakes (@USGS_Quakes) March 24, 2026
टोंगा कहां है...क्यों खतरा रहता है?
टोंगा दक्षिण प्रशांत महासागर में छोटे-छोटे द्वीपों का देश है. यह जगह प्रशांत महासागर की रिंग ऑफ फायर नामक सक्रिय भूकंप क्षेत्र में पड़ता है. यहां प्लेटों के टकराव की वजह से भूकंप और ज्वालामुखी दोनों अक्सर आते रहते हैं. टोंगा की आबादी बहुत कम है, लेकिन समुद्र के किनारे बसे गांवों और छोटे शहरों में लोग रहते हैं. ऐसे में भूकंप के बाद सुनामी का खतरा भी हमेशा बना रहता है.
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अभी क्या स्थिति है?
अभी तक किसी भी द्वीप पर नुकसान की कोई खबर नहीं आई है. न तो कोई इमारत गिरी है. न ही कोई व्यक्ति घायल हुआ है. टोंगा सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं. अगर गहराई कम होती तो स्थिति अलग हो सकती थी, लेकिन इस बार गहराई ज्यादा होने से बड़ा खतरा टल गया.