scorecardresearch
 

बजरंगबली दिलाएंगे शनि की साढ़ेसाती, ढैया से मुक्ति

शनिवार को बजरंगबली का नाम आपको समस्त शनि प्रकोपों से निजात दिला सकता है. महावीर की आराधना से आप खुशियों का वरदान पा सकते हैं.

शनिवार को बजरंगबली का नाम आपको समस्त शनि प्रकोपों से निजात दिला सकता है. महावीर की आराधना से आप खुशियों का वरदान पा सकते हैं. यूं तो मंगलवार को बजरंगबली की पूजा के लिए बेहद उत्तम माना गया है, लेकिन शनिवार को शनिदेव संग हनुमान की पूजा न केवल शनि की साढ़ेसाती, ढैया जैसी महादशाओं से ही छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होती है, बल्कि मंगलदोष निवारण के लिए भी शनिवार को बजरंबली की पूजा का खास महत्व माना गया है.

नवग्रहों में सबसे क्रूर ग्रह शनि की जिस पर नजर पड़ जाए, उसका जीना मुहाल हो जाता है. कोशिश के बाद भी काम बनते नहीं, दुख काटे कटते नहीं और जीवन से खुशियां रूठ जाती हैं. यही लक्षण हैं शनि की दशा के, उनके प्रकोप के, लेकिन पवनपुत्र का नाम लेने भर से आप इन तमाम समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं. अब ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर शनिवार को शनिदेव संग बजरंगबली की भी पूजा का विधान क्यों माना गया है.

इस सवाल का जवाब त्रेतायुग में छिपा हुआ है. कहानी उस समय की है जब माता सीता को ढूढते हुए हनुमान जी लंका पहुंचे, तो उन्होंने वहां शनिदेव को उल्टा लटके हुए देखा. जब हनुमान ने उनसे इसका कारण पूछा तो शनिदेव ने बताया कि रावण ने अपने योग बल से उन्हें लंका में कैद कर रखा है. तब हनुमान ने शनिदेव को रावण की कैद से मुक्ति दिलायी. इससे प्रसन्न होकर शनिदेव ने हनुमान से वरदान मांगने को कहा, तब बजरंगबली ने शनिदेव से कहा कि कलयुग में उनकी आराधना करने वालों को आप कभी भी परेशान नहीं करेंगे और तभी से शनिवार को हनुमान जी की पूजा की परंपरा शुरू हो गई.

मान्यता है कि शनिवार की पूजा से शनि की ढैया और साढ़ेसाती कट जाती हैं और भक्तों पर शनिदेव की कृपा बरसने लगती है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें