किसी भी व्यक्ति के जीवन में रंग और तरंग का सर्वाधिक महत्व होता है. रत्न भी इन्ही रंगों और तरंगों के माध्यम से प्रभाव डालते हैं. व्यक्ति के शरीर के सात चक्र इन्ही रंगों और तरंगों को ग्रहण करते हैं. रत्नों के प्रयोग से व्यक्ति की मानसिक स्थिति में तुरंत बदलाव हो जाता है. रत्नों का असर शरीर के साथ ही मन और कार्यों पर भी पड़ता है. रत्नों का लाभ तो थोड़ी देर में होता है लेकिन गलत रत्न पहनने का नुकसान जल्दी होने लगता है. आइए जानते हैं कि कौन सा रत्न किस ग्रह का होता है.
माणिक्य- सूर्य का रत्न
सूर्य से सम्बंधित समस्याओं के निवारण के लिए इसका प्रयोग किया जाता है. कन्या,तुला,मकर,और कुम्भ लग्न वालों को कभी माणिक्य नहीं पहनना चाहिए. अगर माणिक्य नुकसान करे तो सिरदर्द और हड्डियों में दर्द होने लगता है.
मोती- चन्द्रमा का रत्न
मन और शीतजन्य समस्याओं के निवारण में यह अदभुत काम करता है परन्तु वृष, मिथुन, कन्या और मकर लग्न में यह भयंकर परिणाम दे सकता है. मोती अगर नुकसान करे तो मानसिक स्थितियां बिगड़ने लगती हैं.
मूंगा- मंगल का रत्न
ज्योतिष में लाल और नारंगी रंग के मूंगे का ज्यादा प्रयोग होता है. मिथुनऔर कन्या लग्न वालों को मूंगा छूना भी खतरनाक है. जो लोग स्वभावतः क्रोधी हों, उन्हें लाल मूंगा नहीं पहनना चाहिए. मूंगा नुकसान करे तो दुर्घटना और रक्त की समस्या हो जाती है.
पन्ना- बुध का रत्न
यह दिमाग और मन को मजबूत करता है, परन्तु मेष, कर्क और वृश्चिक लग्न में इसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं. पन्ना धारण करने से अगर त्वचा में समस्या दिखे, तो इसे उतार दें. पन्ना नुकसान करे तो बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है.
पीला पुखराज- बृहस्पति का रत्न
यह आध्यात्मिक शक्ति , वाणी और धर्म तथा ज्ञान में वृद्धि करता है. वृष, तुला, मकर और कुम्भ लग्न में इसको धारण करना घातक होगा. जिन लोगों को पेट की समस्या हो उन्हें पुखराज नहीं पहनना चाहिए. मोटापे की प्रवृत्ति वालों को भी पुखराज धारण करने से बचना चाहिए.
हीरा- शुक्र का रत्न
यह प्रेम, सौंदर्य, चमक और सम्पन्नता का रत्न है परन्तु अगर जरा भी नुकसान करे तो वैवाहिक जीवन में उथल-पुथल ला सकता है. वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुम्भ लग्न में यह शुभ होता है और मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक और मीन लग्न में खतरनाक होता है. चंचल मन वालों को हीरा धारण करने से बचना चाहिए. हीरे की जगह सफ़ेद अमेरिकन डायमंड पहन सकते हैं.
नीलम- शनि का रत्न
इस रत्न को सामान्यतः बिना जांच के नहीं पहनना चाहिए परन्तु अगर जरा भी नुकसान करे तो व्यक्ति को जीवन का संकट तक आ जाता है. इसको कुंडली के गंभीर अध्ययन के बाद ही धारण करने की सलाह दी जा सकती है. सिंह लग्न में भूलकर भी नीलम धारण नहीं करना चाहिए.
गोमेद- राहु का रत्न
यह राहु का रत्न है. सामान्य दशाओं में इसको धारण नहीं करना चाहिए. अगर आपका व्यवसाय या स्वभाव इसके अनुकूल हो तो इसको पहनिए अन्यथा नहीं. नुकसान करने पर यह स्वास्थ्य और जीवन में उतार चढ़ाव पैदा करता है
लहसुनिया- केतु का रत्न
यह केतु का रत्न है. अगर कुंडली में केतु अनुकूल हो तभी इसको धारण करें अन्यथा चर्म रोग या स्नायु तंत्र की समस्या हो सकती है.