Garud Puran: बच्चों के अंतिम संस्कार की अलग परंपरा सिर्फ धार्मिक मान्यता नहीं, बल्कि भावनात्मक और वैज्ञानिक पहलुओं से भी जुड़ी है. यह हमें यह समझाती है कि जीवन और मृत्यु के पीछे कई गहरे अर्थ छिपे हैं, जिन्हें जानना और समझना जरूरी है.
Mahabharat Facts: जे. रॉबर्ट ओपेनहाइमर, जिन्हें एटम बम का जनक कहा जाता है, ने महाभारत के अर्जुन से प्रेरणा ली थी. जैसे अर्जुन कुरुक्षेत्र के युद्ध में अपने कर्तव्य और भावनाओं के बीच संघर्ष फंसे थे, वैसे ही ओपेनहाइमर भी अपने वैज्ञानिक कार्यों में फंसे हुए थे. ओपेनहाइमर ने भगवद्गीता के संदेश को समझा था और अपने कर्तव्य को निभाने के दौरान आंतरिक युद्ध का सामना भी किया था.
Apsara Rambha Katha: अप्सरा रंभा पौराणिक कथाओं में स्वर्ग लोक की प्रमुख और सुंदर अप्सराओं में से एक हैं. उनकी कहानी में सौंदर्य, आकर्षण और कला के साथ-साथ ऋषि विश्वामित्र द्वारा दिए गए हजार साल के श्राप की भी चर्चा है. उनकी कथा हमें धैर्य और समय के साथ हर मुश्किल का समाधान मिलने का संदेश देती है
3 अप्रैल को गुड फ्राइडे है. ईसाई धर्म के लोगों के लिए ये एक पवित्र और शोकभरा दिन माना जाता है. कहते हैं कि इसी दिन करीब 2 हजार लोगों के सामने ईसा मसीह यानी जीसस को सूली पर चढ़ाया गया था. इसलिए इस दिन लोग चर्चों में जाकर विशेष प्रार्थना करते हैं.
Hanuman Jayanti 2026: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत और रामायण दोनों में हनुमान जी की वीरता और भक्ति का वर्णन मिलता है. महाभारत में हनुमान जी अर्जुन के रथ पर ध्वज के रूप में विराजमान थे और भीम से उनकी मुलाकात की कथा भी प्रसिद्ध है.
Hanuman Jayanti 2026: हर कोई हनुमान जी की शक्ति की बात करता है, लेकिन उनकी सिद्धियों में छिपी सीख को कम लोग समझते हैं. बजरंगबली की 8 सिद्धियां हमें सिखाती हैं कि सही सोच, संयम और विश्वास से जीवन में क्या कुछ हासिल किया जा सकता है.
Hanuman Jayanti 2026: रामायण के सुंदरकांड में वर्णित हनुमान जी की लंका यात्रा एक प्रेरणादायक कथा मानी जाती है. इस दौरान हुई कई घटनाएं उनके आत्मविश्वास, समझदारी और प्रभु के प्रति गहरे विश्वास को दर्शाती हैं. इन लीलाओं में छुपे संदेश आज भी लोगों को मुश्किल समय में सही रास्ता चुनने और आगे बढ़ने की सीख देते हैं.
वैसे तो लोग हनुमान जी की कृपा के लिए हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और हनुमानष्टक का पाठ करते हैं, लेकिन एक बहुत सरल उपाय भी उनकी कृपा दिला सकता है. यह है हनुमान गयात्री मंत्र.हनुमानजी की शक्ति, बुद्धि और साहस पाने का ये एक प्रभावशाली मंत्र है.
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जी की भक्ति, साहस और बुद्धिमानी से जुड़ी कहानियां आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं. उनसे जुड़ी पौराणिक घटनाएं सिर्फ धार्मिक महत्व नहीं रखतीं हैं, बल्कि जीवन की मुश्किल परिस्थितियों में सही रास्ता दिखाने का काम भी करती हैं. हनुमान जयंती के मौके पर इन सीखों को समझना और अपनाना बेहद खास माना जाता है.
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती के पावन मौके पर जानिए हिंदू धर्म के उन 7 अमर चिरंजीवियों के बारे में, जिनकी मौजूदगी आज भी मानी जाती है. ये कथाएं न सिर्फ रहस्य से भरी हैं, बल्कि धर्म, भक्ति और शक्ति का गहरा संदेश भी देती हैं.
Pehowa Tirth: सरस्वती नदी के किनारे बसा पिहोवा तीर्थ पितृ कर्मों के लिए प्रसिद्ध है. मान्यता है कि यहां श्राद्ध और पिंडदान करने से आत्माओं को शांति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-पाठ करने पहुंचते हैं और अपने पूर्वजों का आशीर्वाद लेते हैं.
नेपाल में बालेन्द्र शाह आज नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं. यह शपथग्रहण समारोह चैत्र नवरात्र के श्रीरामनवमी के शुभ मुहूर्त पर आयोजित हो रहा है, जिसमें 108 हिन्दू बटुकों द्वारा स्वस्ति वाचन, 107 बौद्ध लामा गुरुओं द्वारा मंगल पाठ और 7 ब्राह्मणों द्वारा शंखनाद किया जाएगा.
देवी प्रत्यंगिरा, जिन्हें निकुंभला और नारसिंही भी कहा जाता है, नवरात्र की देवी परंपरा में एक शक्तिशाली और भयानक स्वरूप हैं. रावण और मेघनाद उनकी पूजा करते थे, और यह देवी विष्णु, शिव और दुर्गा का एकीकृत रूप मानी जाती हैं.
देवी सरस्वती केवल ज्ञान और बुद्धि की देवी नहीं हैं, बल्कि वे संगीत, कला, वाणी और विद्या की देवी हैं जिनके कई रहस्य और तांत्रिक रूप हैं. वे दस महाविद्याओं में सीधे शामिल नहीं हैं, लेकिन उनका तांत्रिक स्वरूप मातंगी प्रसिद्ध है.
कुंडलिनी जागरण योग और तंत्र की एक महत्वपूर्ण साधना है, जिसमें शरीर के ऊर्जा केंद्रों (चक्रों) के माध्यम से दिव्य ऊर्जा का जागरण होता है। नवरात्रि के नौ दिन नौ दुर्गा स्वरूपों की पूजा के माध्यम से चेतना के नौ चरणों का अनुभव कराते हैं
Jwala Devi Mandir: श्रद्धा की वो अद्भुत ज्योति जो हिमाचल की बर्फीली पहाड़ियों के बीच बिना किसी स्रोत के ज्वाला रूप में विराजमान हैं. यहां मंदिर के मुख्य भाग में कोई मूर्ति नहीं बल्कि अखंड ज्योति है जो बिना घी बाती के चौबीसों घंटे जलती रहती है.
तंत्र-मंत्र को अक्सर गलत समझा जाता है और इसे काला जादू या भय की परंपरा माना जाता है. जबकि इसकी जड़ें प्राचीन और आध्यात्मिक हैं. तंत्र साधना का उद्देश्य आंतरिक शक्ति और चेतना का जागरण है.
चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन देवी कालरात्रि की पूजा की जाती है, जो शक्ति और ज्ञान का प्रतीक हैं. भगवान विष्णु के अवतारों जैसे नृसिंह, श्रीराम और श्रीकृष्ण में देवी काली का महत्वपूर्ण योगदान रहा है.
नवरात्रि के सातवें दिन देवी काली की पूजा विशेष महत्व रखती है। देवी काली के 12 स्वरूप हैं, जिनमें आद्या काली, मातंगी काली, छिन्नमस्ता काली, श्मशान काली, बगला काली, दक्षिणा काली, भैरवी काली, तारा काली, षोडशी काली, कमला काली, गुह्य काली और धूमावती काली शामिल हैं.
भारत में शक्ति उपासना का इतिहास वैदिक काल से शुरू होकर पौराणिक युग, तांत्रिक साधना और बौद्ध-जैन परंपराओं तक फैला हुआ है. मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिले प्रतीक, ऋग्वेद की विदुषी महिलाओं का उल्लेख, देवी सूक्त और दस महाविद्याओं की उपासना इस परंपरा की गहराई को दर्शाती है.
नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में रात्रि सूक्त का पाठ विशेष महत्व रखता है. यह प्राचीन वैदिक स्तोत्र मानसिक शांति, ऊर्जा संतुलन और आंतरिक शक्तियों को जागृत करने में सहायक है.