Ashadh Amavasya 2026: आषाढ़ अमावस्या 2026 का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बेहद खास माना जाता है. इस दिन पवित्र स्नान, पितृ तर्पण और दान-पुण्य करने से विशेष फल मिलता है. जानें अमावस्या की चमत्कारी कथा, व्रत विधि और इससे जुड़ी मान्यताएं.
Hindu Dharam: भगवान शिव और भगवान विष्णु में कोई भेद नहीं है. दोनों एक ही परम सत्य के अलग-अलग रूप हैं, जिन्हें हरि-हर कहा जाता है. कभी भगवान विष्णु की महिमा दिखती है, तो कभी शिव की शक्ति. लेकिन दोनों का उद्देश्य एक ही है सृष्टि का संतुलन और मानव कल्याण.
इस संसार में हर इंसान एक विशिष्ट क्षमता, प्रवृत्ति और उद्देश्य के साथ जन्म लेता है. जन्म कुंडली को उसी संभावना का एक संकेतक माना जाता है. यह व्यक्ति की क्षमता, चुनौतियों, रुचि और जीवन में मिलने वाले अवसरों की ओर संकेत कर सकती है.
Hindu Dharam: हिंदू धर्म में कई ऐसी देवियां हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. जानें कर्ण की देवी, खोड़ियार माता समेत 6 कम प्रसिद्ध देवियों का महत्व.
Mahabharat Facts: भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण हमें धर्म और सही रास्ते पर चलने की सीख देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार खुद श्रीकृष्ण को धर्म की रक्षा के लिए अपने ही नियमों से हटकर फैसले लेने पड़े? चाहे दुर्योधन का वध हो या युद्ध के नियमों को तोड़ना, कई ऐसे मौके आए जब श्रीकृष्ण ने अधर्म और बुराई को खत्म करने के लिए अपनी ही बनाई सीमाओं को मोड़ा.
Jyeshtha Purnima 2026: वट पूर्णिमा 2026 के मौके पर जानें इस व्रत का महत्व, बरगद की पूजा का कारण और सावित्री-सत्यवान की पौराणिक कथा, जिसे सुनना बेहद शुभ माना जाता है.
Mahabharat Facts: क्या आप जानते हैं कि दुर्योधन और कर्ण के पास भी चमत्कारी शंख थे? महाभारत के युद्ध में शंख सिर्फ पवित्रता के नहीं, बल्कि शौर्य के प्रतीक थे. भीष्म पितामह के गंगनाभ से लेकर धृष्टद्युम्न के यज्ञघोष तक, जानिए महाभारत के इन दिव्य और दुर्लभ शंखों के नाम और उनकी पौराणिक गाथाएं.
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी हिंदू धर्म का सबसे कठिन और फलदायी व्रत माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन बिना जल के उपवास रखने से सालभर की सभी एकादशियों का फल मिलता है. जानें भीमसेन से जुड़ी इसकी कथा और दान का महत्व.
Mahabharat Facts: महाभारत केवल वीर पुरुषों की कथा नहीं है, बल्कि इसमें शक्तिशाली, बुद्धिमान और प्रभावशाली स्त्रियों का भी बड़ा योगदान रहा है. तो आइए जानते हैं कि उन शक्तिशाली महिलाओं के बारे में.
Ramayan Facts: रामायण से यह स्पष्ट होता है कि हनुमान जी केवल शक्ति के प्रतीक ही नहीं, बल्कि विनम्रता, मर्यादा और धर्म के पालन के भी सर्वोच्च उदाहरण हैं. जहां आवश्यक हुआ, उन्होंने अपनी शक्ति दिखाई, और जहां उचित समझा, वहां उन्होंने स्वयं को समर्पित भी कर दिया था. यही कारण है कि हनुमान जी को केवल बल का नहीं, बल्कि बुद्धि और भक्ति का भी देवता माना जाता है.
Mahabharat Facts: क्या आप जानते हैं कि महाभारत जैसा महान युद्ध सिर्फ शौर्य और धर्म का नहीं, बल्कि गहरे षड्यंत्रों और धोखों का भी गवाह था? दरअसल, महाभारत हमें यह सिखाता है कि जीवन में केवल शक्ति ही नहीं, बुद्धि, रणनीति और समय की समझ भी महत्वपूर्ण होती है. इन घटनाओं को कोई “धोखा” मानता है, तो कोई 'धर्म की रक्षा के लिए अपनाई गई नीति'.
Mahabharat Facts: क्या दिल्ली का पुराना किला ही इंद्रप्रस्थ था? जानें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा पांडवों के लिए मांगे गए उन 5 गांवों के आज के नाम और ऐतिहासिक सबूत.
Somwati Amavasya 2026: वैसे तो सोमवती अमावस्या बहुत ही विशेष मानी जाती है. अमावस्या तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु और पितरों को समर्पित है. इस खास अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान करने का विधान है. साथ ही विशेष चीजों का दान किया जाता है. मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से साधक के द्वारा अनजाने में किए गए सारे पाप कट जाते हैं.
Parama Ekadashi 2026: अधिक मास में आने वाली परमा एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा से जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं. तो आइए पढ़ते हैं परमा एकादशी की विशेष कथा.
Garud Puran: क्या आपने कभी सोचा है कि प्राण निकलने के बाद आत्मा का क्या होता है? गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद के 13 दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. जानें यमलोक के सफर का खौफनाक सच और इस दौरान तुलसी का महत्व.
Mahabharat Facts: महाभारत का युद्ध सिर्फ बल और शौर्य का नहीं, बल्कि रणनीति, बुद्धि और धर्म की स्थापना का युद्ध था. भगवान श्रीकृष्ण ने जहां-जहां छल का सहारा लिया, जिसका उद्देश्य अधर्म का अंत और धर्म की जीत सुनिश्चित करना था. इसलिए महाभारत हमें यह सिखाता है कि कभी-कभी धर्म की रक्षा के लिए कठोर और असामान्य फैसले भी लेने पड़ते हैं.
पत्नी को अर्धांगिनी कहा गया है, जिसका अर्थ है पति का आधा अंग. यहां वामांगिनी शब्द का भी प्रयोग किया जाता है, जो इस बात को दर्शाता है कि पत्नी-पति के हृदय के निकट रहती है. चूंकि मानव शरीर में हृदय बाईं ओर स्थित होता है, इसलिए इसे प्रेम, भावना और आत्मीयता का प्रतीक माना गया है.