महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिवजी की पूजा के पांच महत्वपूर्ण तत्वों और उनके पंचमुखी सदाशिव स्वरूप की गूढ़ता को समझना जरूरी है. शिवजी केवल विनाश के देवता नहीं हैं, बल्कि वे सृष्टि, स्थिति, संहार, तिरोधान और अनुग्रह की पांच शक्तियों के स्वामी हैं.
प्रेमानंद महाराज से एक महिला ने पूछा कि क्या बिस्तर पर बैठकर नाम जप करना उचित होता है या नहीं. इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि हां ऐसा किया जा सकता है.
Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा 2026 का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इस दिन स्नान, दान और कथा पाठ से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है. शास्त्रों के अनुसार माघ पूर्णिमा सबसे फलदायी पूर्णिमा मानी जाती है. यहां पढ़ें माघ पूर्णिमा की पौराणिक कथा और इसका धार्मिक महत्व.
प्रेमानंद जी महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि जिनके आचरण और विचार गलत होते हैं वो कितनी भी पूजा करें या कितने ही मंदिरों के दर्शन कर लें उन्हें उसका पुण्य नहीं मिलता.
प्रेमानंद महाराज ने राष्ट्र प्रेम और बलिदान पर गहरी बात कही है उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रेम केवल नारे लगाने तक सीमित नहीं होता, बल्कि ये वो भावना है जो इंसान को अपने प्राणों से भी ऊपर देश को रखने की प्रेरणा देती है, सच्चे देशभक्त वही हैं
प्रेमानंद जी महाराज से एक महिला भक्त ने बहुत ही दिलचस्प सवाल किया और उन्होंने जानना चाहा कि गलती और पाप में वास्तविक अंतर क्या होता है
Shattila Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में षटतिला एकादशी का अपना एक विशेष महत्व होता है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु का पूजन करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. शास्त्रों के अनुसार, हर साल माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाता है.
माघ मास की षटतिला एकादशी सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है, जो नरक से मुक्ति और मोक्ष दिलाने वाला है. इस दिन तिल का विशेष महत्व होता है, जिसका उपयोग स्नान, दान, तर्पण और पूजा में किया जाता है.
Sakat Chauth 2026 Katha: सकट चौथ का व्रत रखने से जीवन की हर समस्या दूर हो जाती है. इस दिन भगवान गणेश की पूजा और माता सकट की पूजा का विधान बताया गया है. तो आइए पढ़ते हैं सकट चौथ की खास कथा.
वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस का सनातन परंपरा से गहरा संबंध है. दोनों सत्य साईं बाबा के अनुयायी हैं और 2005 में आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी स्थित प्रशांति निलयम आश्रम भी गए थे. निकोलस मादुरो सनातनी प्रतीक चिह्न ‘ॐ’ के महत्व को भी मानते हैं.
Sakat Chauth Katha 2026: हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का अपना एक विशेष महत्व होता है. यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान गणेश का पूजन करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. शास्त्रों के अनुसार, हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है.
एक महिला शिक्षिका ने पर प्रेमानंद जी महाराज से सवाल किया कि कई बार उनके छात्र आदर दिखाने के लिए उनके पैरों को छूते हैं तो क्या इसे उनके पुण्य पर असर पड़ सकता है.
जनवरी का नया सप्ताह 5 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2026 तक रहेगा. इस दौरान विभिन्न राशियों में ग्रहों की विशेष स्थिति बनेगी. ज्योतिषविद प्रवीण मिश्र के अनुसार, ग्रहों की यह चाल इस सप्ताह पांच राशियों के लिए शुभ फल देने वाली साबित हो सकती है.
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भगवान ने स्वयं कहा है कि अर्थार्थी भी भक्त कहलाते हैं, पर यदि सच में भगवान को पाना है, तो जीवन में कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है.
दुनियाभर में लोग नए साल के स्वागत को लेकर उत्सुक हैं. रात 12 बजते ही नया साल शुरू हो गया है. दुनिया बांहें फैलाकर 2026 का वेलकम कर रही है. भारत में नए साल 2026 का जोरदार स्वागत हुआ.
Happy New Year 2026: नए साल के पहले दिन शराब, मांस और बुरे कर्मों से दूर रहने की सलाह. प्रेमानंद महाराज ने बताए अच्छे संकल्प, भक्ति, परोप्कार और सुख-समृद्धि के उपाय.
नए साल से पहले प्रेमानंद महाराज ने बताया कि लोगों को कौन-कौन से नियम लेने चाहिए. उनके अनुसार, अगर लोग नए साल पर लोग शराब, मांस और पाप छोड़कर भक्ति, परोपकार और अच्छे कर्म अपनाते हैं तो उनका आने वाला वर्ष सुख-समृद्धि से भरा होगा.
अनुष्का शर्मा और विराट कोहली प्रेमानंद महाराज के भक्त हैं. अनुष्का अक्सर प्रेमानंद महाराज के वीडियोज सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं.
नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में ईश्वर के अस्तित्व पर हुई जावेद अख्तर और मुफ्ती शमाइल नदवी की बहस सोशल मीडिया पर छा गई. बहस का सबसे चर्चित पल तब आया, जब ‘कंटिंजेंसी’ जैसे फिलॉसफिकल शब्द पर चर्चा अटक गई. जानिए कंटिंजेंसी, इनफाइनाइट रिग्रेस और नेसेसरी बीइंग क्या है.
मिथुन राशि वालों के लिए साल 2026 स्वास्थ्य, धन, करियर और रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा. इस साल स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है इसलिए तनाव को कम रखना और नियमित दवा एवं व्यायाम करना आवश्यक होगा. आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और संपत्ति के लाभ भी मिल सकते हैं. रिश्तों में मध्यम फल मिलेगा, क्रोध तथा जिद पर नियंत्रण जरूरी है. विवाह की संभावना भी साल के अंत में सकारात्मक रहेगी. इस वर्ष अनेक बड़े परिवर्तन होंगे, इसलिए तैयार रहना जरूरी है. भगवान शिव और माता लक्ष्मी की उपासना से आपके वर्ष को शुभ बनाने में मदद मिलेगी.
वृषभ राशि वालों के लिए साल 2026 में स्वास्थ्य, धन, करियर और रिश्तों के प्रति सकारात्मक संकेत हैं. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन वजन और खानपान पर ध्यान देना आवश्यक है. आर्थिक स्थिति बेहतर होगी. नौकरी और व्यवसाय के लिए यह वर्ष अनुकूल रहेगा. पुराने रिश्ते जुड़ेंगे और विवाह व संतान प्राप्ति के सौम्य योग बन रहे हैं. बृहस्पति मंत्र का जाप और रुद्राक्ष धारण करने से वर्ष बेहतर गुजरेगा. जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें और संयम से आगे बढ़ें. यह वर्ष वृषभ राशि के लिए शुभ रहेगा.