Sakat Chauth 2026 Katha: सकट चौथ का व्रत रखने से जीवन की हर समस्या दूर हो जाती है. इस दिन भगवान गणेश की पूजा और माता सकट की पूजा का विधान बताया गया है. तो आइए पढ़ते हैं सकट चौथ की खास कथा.
वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस का सनातन परंपरा से गहरा संबंध है. दोनों सत्य साईं बाबा के अनुयायी हैं और 2005 में आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी स्थित प्रशांति निलयम आश्रम भी गए थे. निकोलस मादुरो सनातनी प्रतीक चिह्न ‘ॐ’ के महत्व को भी मानते हैं.
Sakat Chauth Katha 2026: हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का अपना एक विशेष महत्व होता है. यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान गणेश का पूजन करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. शास्त्रों के अनुसार, हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है.
एक महिला शिक्षिका ने पर प्रेमानंद जी महाराज से सवाल किया कि कई बार उनके छात्र आदर दिखाने के लिए उनके पैरों को छूते हैं तो क्या इसे उनके पुण्य पर असर पड़ सकता है.
जनवरी का नया सप्ताह 5 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2026 तक रहेगा. इस दौरान विभिन्न राशियों में ग्रहों की विशेष स्थिति बनेगी. ज्योतिषविद प्रवीण मिश्र के अनुसार, ग्रहों की यह चाल इस सप्ताह पांच राशियों के लिए शुभ फल देने वाली साबित हो सकती है.
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भगवान ने स्वयं कहा है कि अर्थार्थी भी भक्त कहलाते हैं, पर यदि सच में भगवान को पाना है, तो जीवन में कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है.
दुनियाभर में लोग नए साल के स्वागत को लेकर उत्सुक हैं. रात 12 बजते ही नया साल शुरू हो गया है. दुनिया बांहें फैलाकर 2026 का वेलकम कर रही है. भारत में नए साल 2026 का जोरदार स्वागत हुआ.
Happy New Year 2026: नए साल के पहले दिन शराब, मांस और बुरे कर्मों से दूर रहने की सलाह. प्रेमानंद महाराज ने बताए अच्छे संकल्प, भक्ति, परोप्कार और सुख-समृद्धि के उपाय.
नए साल से पहले प्रेमानंद महाराज ने बताया कि लोगों को कौन-कौन से नियम लेने चाहिए. उनके अनुसार, अगर लोग नए साल पर लोग शराब, मांस और पाप छोड़कर भक्ति, परोपकार और अच्छे कर्म अपनाते हैं तो उनका आने वाला वर्ष सुख-समृद्धि से भरा होगा.
अनुष्का शर्मा और विराट कोहली प्रेमानंद महाराज के भक्त हैं. अनुष्का अक्सर प्रेमानंद महाराज के वीडियोज सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं.
नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में ईश्वर के अस्तित्व पर हुई जावेद अख्तर और मुफ्ती शमाइल नदवी की बहस सोशल मीडिया पर छा गई. बहस का सबसे चर्चित पल तब आया, जब ‘कंटिंजेंसी’ जैसे फिलॉसफिकल शब्द पर चर्चा अटक गई. जानिए कंटिंजेंसी, इनफाइनाइट रिग्रेस और नेसेसरी बीइंग क्या है.
मिथुन राशि वालों के लिए साल 2026 स्वास्थ्य, धन, करियर और रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा. इस साल स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है इसलिए तनाव को कम रखना और नियमित दवा एवं व्यायाम करना आवश्यक होगा. आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और संपत्ति के लाभ भी मिल सकते हैं. रिश्तों में मध्यम फल मिलेगा, क्रोध तथा जिद पर नियंत्रण जरूरी है. विवाह की संभावना भी साल के अंत में सकारात्मक रहेगी. इस वर्ष अनेक बड़े परिवर्तन होंगे, इसलिए तैयार रहना जरूरी है. भगवान शिव और माता लक्ष्मी की उपासना से आपके वर्ष को शुभ बनाने में मदद मिलेगी.
वृषभ राशि वालों के लिए साल 2026 में स्वास्थ्य, धन, करियर और रिश्तों के प्रति सकारात्मक संकेत हैं. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन वजन और खानपान पर ध्यान देना आवश्यक है. आर्थिक स्थिति बेहतर होगी. नौकरी और व्यवसाय के लिए यह वर्ष अनुकूल रहेगा. पुराने रिश्ते जुड़ेंगे और विवाह व संतान प्राप्ति के सौम्य योग बन रहे हैं. बृहस्पति मंत्र का जाप और रुद्राक्ष धारण करने से वर्ष बेहतर गुजरेगा. जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें और संयम से आगे बढ़ें. यह वर्ष वृषभ राशि के लिए शुभ रहेगा.
Sadguru: भविष्यवाणी सुनने में दिलचस्प लगती है. लेकिन, क्या सच में भविष्य जान लेने से जीवन बदल जाता है. सदगुरु के अनुसार, कुरुक्षेत्र युद्ध की एक कथा यह बताती है कि भगवान कृष्ण शुरुआत और अंत दोनों से परिचित थे, फिर भी वह हर पल पूरी निष्ठा से कर्म करते रहे. असल संदेश यही है कि भविष्य की चिंता में आज को खो देना कोई समझदारी नहीं है.
Premanand Maharaj on Mobile and laziness: आजकल के दौर में बच्चों से लेकर युवा और यहां तक कि कई बुजुर्ग भी हर वक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में प्रेमानंद महाराज ने एक भक्त के सवाल के जवाब में बताया है कि मोबाइल और आलस से आसानी से पीछा कैसे छुड़ाया जा सकता है.
Vastu Tips: घर के दरवाजे पर वेलकम लिखा डोरमैट बिछा होना बहुत ही साधारण बात है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह साधारण सा शब्द कभी-कभी आपके भाग्य पर असर डाल सकता है. जानतें हैं वास्तु से जुड़े कुछ नियमों के बारे में.
Black Thread on feet: भारत में परंपराएं और मान्यताएं जीवन का अभिन्न हिस्सा रही हैं. इन्हीं में एक प्रचलन है पैरों में काला धागा पहनने का. माना जाता है कि ज्योतिष और परंपराओं के अनुसार यह काला धागा नकारात्मक ऊर्जा से बचाव करता है और सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.
मणिकर्णिका घाट पर चिता की राख में 94 लिखने की परंपरा का असली रहस्य क्या है? हिंदू अंतिम संस्कार, मोक्ष और 94 संख्या का आध्यात्मिक महत्व जानें.
Antim Sanskar: 94 अंक लिखने की यह परंपरा केवल एक संख्या लिख देने भर की नहीं, बल्कि काशी की उस गहरी आध्यात्मिक सोच का संकेत है, जिसमें जीवन, कर्म और मोक्ष तीनों एक सूत्र में बंधे माने जाते हैं. आइए जानते हैं इसके पीछे का आध्यात्मिक महत्व.
साहित्य के महाकुंभ 'साहित्य आजतक 2025' के तीसरे और अंतिम दिन आयोजित सत्रों में से एक सत्र था- आओ बदलें अपना जीवन.. मन, आत्मा और मोक्ष की बातें. जिसमें खासतौर पर आमंत्रित रहीं- साध्वी भगवती सरस्वती (आध्यात्मिक गुरु, बेस्ट सेलिंग लेखिका, स्टैनफोर्ड साइकोलॉजिस्ट, दिव्य शक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष और इंटरनेशनल डायरेक्टर, परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश). इस दौरान उनसे हुईं क्या कुछ दिलचस्प बातें, जानने के लिए देखें इस पूरे सेशन का ये वीडियो.
मार्गशीर्ष मास को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है और इस महीने में उनकी पूजा, दामोदर सूत्र का पाठ और गऊ सेवा करने का विशेष महत्व है. पुराणों की कथा के अनुसार राजा दिलीप, जो निसंतान थे, महर्षि वशिष्ठ के आश्रम गए और उनकी सलाह पर गऊ सेवा की.