प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू इन दिनों देशव्यापी स्वास्तिक यात्रा पर निकले हैं. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अध्यात्म के माध्यम से देश के लोगों के दिलों को जोड़ना और भारत में एकता का संदेश देना है. शंकराचार्य, महात्मा गांधी और विनोबा भावे जैसे महान व्यक्तित्वों के पदचिन्हों पर चलते हुए मुरारी बापू का मानना है कि भारत की आत्मा संवाद और सद्भाव में बसती है. मोरारी बापू ने बताया कि स्वास्तिक का अर्थ ही सबका कल्याण और मंगल है. वे कहते हैं कि जब लोगों के दिल आपस में मिलेंगे, तभी देश अखंड और महान बनेगा. आज के समय में जब संवाद की जगह विवाद और दुर्वाद ले रहे हैं, तब संवाद का मंत्र ही समाज को सही दिशा दिखा सकता है. उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के गीता ज्ञान का संदर्भ देते हुए संवाद की महत्ता को रेखांकित किया.