IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी के बल्ले से पूरे सीजन ताबड़तोड़ रन निकले. 15 साल के सूर्यवंशी ने 16 पारियों में 237.30 की धांसू स्ट्राइक रेट के साथ 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम किया. इसके साथ ही वह आईपीएल में ऑरेंज कैप हासिल करने वाले सबसे छोटी उम्र के खिलाड़ी भी बन गए हैं. अब सोशल मीडिया पर हर जगह इस नए टैलेंट की तारीफ हो रही है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वैभव सूर्यवंशी के सितारे बुलंदी पर हैं. उनकी कुंडली में बन रहे कुछ दिव्य योग उन्हें खूब सहयोग कर रहे हैं.
ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का कहना है कि इतनी कम उम्र में ऐसा टैलेंट मिलना सिर्फ प्रैक्टिस का रिजल्ट नहीं होता है. आईपीएल में हमने वैभव सूर्यवंशी की बेखौफ बल्लेबाजी देखी और इसके पीछे उनकी कुंडली के चार बड़े योग काम कर रहे हैं, जिससे सूर्यवंशी का टैलेंट खुलकर दुनिया के सामने आया है.
चार बड़े ग्रहों का योग
वैभव सूर्यवंशी की कुंडली में सूर्य, मंगल, बुध और बृहस्पति का जबरदस्त कॉम्बिनेशन बना हुआ है. जब किसी जातक की कुंडली में सूर्य और मंगल एक साथ होते हैं तो उसमें एक बेखौफ नजरिया पैदा होता है. और अगर यहां बृहस्पति का साथ भी मिल जो इंसान पर ईश्वर की कृपा भी बनी रहती है. और जब यहां बुध का साथ भी मिल जाए तो इंसान को भाग्य का भी पूरा-पूरा साथ मिलता है. कुंडली में यही चतुर्ग्रही योग वैभव को इतनी कम उम्र में आगे बढ़ने का हौसला दे रहा है. ग्रहों की यह दिशा बताती है कि सूर्यवंशी आगे और भी बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं.
शनि की मजबूत स्थिति
ज्योतिषविदों का कहना है कि वैभव सूर्यवंशी की कुंडली में शनि की स्थिति बहुत मजबूत दिखाई पड़ती है. यही वजह है कि उनकी कॉम्पिटिटिव स्पिरिट बहुत हाई दिखाई देती है और प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ने का उनका जुनून मैदान पर साफ दिखाई देता है. सूर्यवंशी एक बार किसी गेंदबाज को निगाहों में उतार लें तो उसका दिन खराब करके ही पीछा छोड़ते हैं. ऐसे लोगों के जबरदस्त विनिंग स्किल होती है.
पूर्वाषाढ़ नक्षत्र का चंद्रमा
वैभव सूर्यवंशी की कुंडली में चंद्रमा पूर्वाषाढ़ नक्षत्र का है. वैदिक ज्योतिष में पूर्वाषाढ़ नक्षत्र को अजय बोला गया है. इसका मतलब है कि इस नक्षत्र में पैदा हुए जातक जल्दी किसी से हार नहीं मानते हैं. ऐसे लोगों को मनोबल बहुत मजबूत होता है. ये लोग एक बार कुछ ठान लें तो उसे पूरा करके ही दम लेते हैं. ऐसे लोग अपने लक्ष्य से कभी नहीं भटकते हैं.
चतुष्सागर राजयोग
वैभव सूर्यवंशी की कुंडली में चारों खाने ग्रहों से भरे हुए हैं जो चतुष्सागर राजयोग का निर्माण करते हैं. ऐसे लोग अपने जीवन में बहुत ज्यादा फेम कमाते हैं. हर दिशा में उसकी सफलता का डंका गूंजता है. हालांकि इन लोगों में एक बड़ी खास बात ये भी है जब कहीं इनकी प्रशंसा होती है तो इनका ध्यान उस पर बिल्कुल नहीं होता है. बल्कि यह अपनी अग्रिम योजना के बारे में सोच रहे होते हैं.