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Surya-Varun Kendra Yog: 26 जून को 90 डिग्री पर आकर सूर्य और वरुण मचाएंगे तबाही! इन 5 अनलकी राशियों की बढ़ सकती है टेंशन

Surya-Varun Kendra Yog: सूर्य और वरुण का यह केन्द्र योग अस्थाई है, लेकिन इसके प्रभाव के दौरान किसी भी तरह के भ्रम या धोखे से बचने के लिए अपनी आंखें और कान खुले रखें. धैर्य ही इस समय आपका सबसे बड़ा साथी है.

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केंद्र योग 2026 (Photo: Pixabay)
केंद्र योग 2026 (Photo: Pixabay)

Kendra Rajyog 2026: 26 जून 2026 को अंतरिक्ष में एक बड़ा और दुर्लभ ज्योतिषीय घटनाक्रम होने जा रहा है. द्रिक पंचांग के अनुसार, सुबह 4 बजकर 6 मिनट पर आत्मा के कारक सूर्य देव और रहस्यमयी ग्रह वरुण एक-दूसरे से ठीक 90 डिग्री की दूरी पर आकर केंद्र योग का निर्माण करेंगे. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और वरुण के बीच बनने वाले इस केन्द्र योग को बेहद संवेदनशील और कई मायनों में नकारात्मक माना गया है. वरुण ग्रह को भ्रम, धोखा, अज्ञात भय और मानसिक उथल-पुथल का कारक माना जाता है, वहीं सूर्य हमारी आत्मा और आत्मविश्वास के प्रतीक हैं. 

जब ये दोनों एक-दूसरे के सामने 90 डिग्री पर आते हैं, तो व्यक्ति की निर्णय क्षमता प्रभावित होती है. इस बार इस केन्द्र योग का अशुभ प्रभाव विशेष रूप से 5 राशियों के जीवन पर भारी पड़ने वाला है. आइए जानते हैं कि इन अनलकी राशियों में कहीं आपकी राशि भी तो शामिल नहीं है.

मेष राशि (Aries)
सूर्य और वरुण का यह योग आपके लिए मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति पैदा करेगा.

असर: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ तालमेल की कमी रहेगी. आपके बनते हुए काम आखिरी वक्त पर अटक सकते हैं, जिससे स्वभाव में चिड़चिड़ापन आएगा.
सावधान: इस दौरान किसी भी नए प्रोजेक्ट या बिजनेस डील पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. पैसों के लेन-देन में धोखा होने के प्रबल संकेत हैं.

मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय स्वास्थ्य और आर्थिक मोर्चे पर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहेगा.

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असर: वरुण का भ्रम पैदा करने वाला प्रभाव आपको गलत निवेश की ओर धकेल सकता है. फिजूलखर्ची अचानक बढ़ जाएगी जिससे बजट बिगड़ सकता है.
सावधान: सेहत को लेकर लापरवाही बिल्कुल न बरतें, विशेषकर पेट और आंख से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. कानूनी मामलों से दूर रहें.

सिंह राशि (Leo)
चूंकि सूर्य आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस केन्द्र योग का सीधा और सबसे गहरा असर आप पर देखने को मिलेगा.

असर: कार्यस्थल पर आपके मान-सम्मान को ठेस पहुंच सकती है. सीनियर अधिकारियों के साथ किसी बात को लेकर मतभेद या बहस होने की आशंका है.
सावधान: अपने भीतर अहंकार (Ego) को न आने दें. पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं तो पार्टनर की गतिविधियों पर नज़र रखें, पारदर्शिता बनाए रखना बेहद ज़रूरी है.

तुला राशि (Libra)
तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर पारिवारिक जीवन और मानसिक शांति को प्रभावित करने वाला साबित होगा.

असर: परिवार के सदस्यों के बीच किसी पुरानी बात को लेकर अविश्वास की भावना पैदा हो सकती है. आप खुद को अकेला और तनावग्रस्त महसूस कर सकते हैं.
सावधान: इस दौरान घर-परिवार के मामलों में संयम से काम लें. बिना सोचे-समझे दी गई प्रतिक्रिया आपके बने-बनाए रिश्तों को बिगाड़ सकती है.

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मीन राशि (Pisces)
मीन राशि के जातकों को इस अवधि में अपने करियर और व्यक्तिगत जीवन दोनों में बहुत संभलकर चलने की जरूरत है.

असर: आपके भीतर अज्ञात भय या नकारात्मक विचार हावी हो सकते हैं, जिससे आपकी कार्यक्षमता प्रभावित होगी. नौकरी बदलने का विचार अभी त्याग देना ही बेहतर होगा.
सावधान: भावुकता में आकर कोई भी बड़ा फैसला न लें. कोई करीबी व्यक्ति आपको गुमराह करने की कोशिश कर सकता है, इसलिए अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें.

अशुभ प्रभाव से बचने के ज्योतिषीय उपाय

सूर्य देव की उपासना: रोजाना सुबह तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें थोड़ा सा कुमकुम मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और 'ऊं घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें.

भ्रम से बचने के लिए ध्यान: मन को शांत रखने और वरुण के नकारात्मक प्रभाव (भ्रम) से बचने के लिए रोजाना कम से कम 10-15 मिनट ध्यान (Meditation) या प्राणायाम करें.

गायत्री मंत्र का पाठ: मानसिक स्पष्टता और आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए प्रतिदिन गायत्री मंत्र का 21 या 108 बार पाठ करना बेहद शुभ फलदायी रहेगा.

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