ज्योतिष में शनि की साढ़ेसाती को अत्यंत कष्टकारी बताया गया है. इस वक्त कुंभ, मीन और मेष राशि शनि की साढ़ेसाती के अलग-अलग चरणों से गुजर रही है. साढ़ेसाती का मेष राशि पर पहला, मीन राशि पर दूसरा और कुंभ राशि पर तीसरा चरण चल रहा है. ऐसे में ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र ने बताया है कि इन राशियों पर साढ़ेसाती का प्रभाव कब तक रहने वाला है. और आने वाले समय में इन राशियों के लिए चुनौतियां कितनी बढ़ेंगी. ज्योतिषविद ने बताया कि 2027 में कुंभ राशि से साढ़ेसाती खत्म होने वाली है.
कब लगती है शनि की साढ़ेसाती?
शनि देव एक राशि में करीब ढाई वर्ष रहते हैं. जब शनि किसी व्यक्ति की राशि से एक राशि पहले आते हैं, तब साढ़ेसाती शुरू जाती है. शनि जिस राशि में रहते हैं उस पर भी साढ़ेसाती रहती है और आगे जिस राशि में जाने वाले हैं, उस राशि पर भी साढ़ेसाती का प्रभाव जारी रहती है. इस तरह ढाई-ढाई वर्ष के तीन फेरों में एक राशि पर साढ़ेसाती करीब साढ़े सात साल तक रहती है.
कुंभ राशि वालों को 2027 में मिलेगी राहत
कुंभ राशि पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है. इसे उतरती साढ़ेसाती भी कहा जाता है. इस दौरान सेहत से जुड़ी परेशानियां, घुटनों और शरीर में दर्द जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं. मानसिक तनाव भी बना रह सकता है. हालांकि अच्छी बात ये है कि 3 जून 2027 को जब शनि मेष राशि में गोचर करें तो कुंभ राशि से साढ़ेसाती का प्रभाव खत्म हो जाएगा.
मीन राशि पर 2029 तक साढ़ेसाती
मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है. इस राशि के जातकों में मानसिक तनाव, भागदौड़, लंबी यात्राएं और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है. निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है. आर्थिक दबाव भी महसूस हो सकता है. मीन राशि वालों की साढ़ेसाती 8 अगस्त 2029 तक रहेगी.
मेष राशि पर 2032 तक साढ़ेसाती
मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण पिछले साल ही शुरू हुआ है. ऐसे में करियर में दबाव और जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. नौकरी या व्यापार में जल्दबाजी में बदलाव करने से बचने की सलाह दी गई है. जो लोग नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे हैं, वो फिलहाल अपना फैसला टाल दें. मेष राशि वालों की साढ़ेसाती 2032 तक चलेगी.
क्या करें उपाय?
साढ़ेसाती के प्रभाव में चल रही राशियां आटा, घी और गुड़ से बनी पंजीरी चींटियों को खिलाएं. रोजाना आठ मुट्ठी पंजीरी चींटियों को डालने से शनि के अशुभ प्रभाव कम हो सकते हैं. इसके अलावा, हर शनिवार को सरसों के तेल का दीपक शनि मंदिर जाकर जरूर जलाएं. इस समय गरीबों और दुखी लोगों को प्रताड़ित न करें.