महाराष्ट्र के नासिक में साइबर पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग और जुए के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं.
पुलिस के अनुसार, आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध सट्टा संचालन कर रहे थे. शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और ऑनलाइन आईडी बनाकर बेटिंग कराई जा रही थी.
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पूरे मामले की कार्रवाई पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई. यह अभियान ऑनलाइन बेटिंग, साइबर अपराध और फर्जी कॉल सेंटर के खिलाफ चलाया जा रहा है.
गुप्त सूचना के बाद मारा गया छापा
साइबर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि देवलाली क्षेत्र के एक फ्लैट से ऑनलाइन सट्टे का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है. सूचना की पुष्टि होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की.
छापे के दौरान जांच में पता चला कि आरोपी लैपटॉप और मोबाइल फोन के माध्यम से Cricket99, 11x और Play Casino जैसी वेबसाइटों पर ऑनलाइन आईडी बनाकर लोगों से अवैध रूप से सट्टा खिलवा रहे थे.
पुलिस ने मौके से सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों में नासिक और गुजरात के रहने वाले लोग शामिल हैं.
छापे में क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपियों के पास से चार लैपटॉप, 18 मोबाइल फोन और तीन राउटर जब्त किए हैं. इसके अलावा विभिन्न बैंकों की 54 पासबुक, चार चेकबुक, 25 एटीएम कार्ड, 26 सिम कार्ड और भुगतान का हिसाब रखने वाली चार नोटबुक भी बरामद हुई हैं.
जांच एजेंसियां इन बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही हैं, ताकि पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन का पता लगाया जा सके.
पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है.
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
साइबर पुलिस ने सातों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा ऑनलाइन गेमिंग प्रतिबंध एवं विनियमन कानून, 2025 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक, पुलिस उपायुक्त किरणकुमार चव्हाण तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने की.
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट के तार अन्य राज्यों या किसी बड़े ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े हैं या नहीं.