पाप ग्रह राहु ने आज शतभिषा नक्षत्र में गोचर कर लिया है. राहु का यह नक्षत्र परिवर्तन एक दुर्लभ संयोग भी बना रहा है. दरअसल, शतभिषा नक्षत्र कुंभ राशि के अंतर्गत आता है. जबकि राहु खुद इस समय कुंभ राशि में ही बैठा हुआ है. राहु 25 नवंबर तक कुंभ राशि में रहेगा और शतभिषा नक्षत्र में 2 अगस्त तक रहेगा. इसके बाद राहु क्रमश: मकर राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में चला जाएगा. ज्योतिषविदों का कहना है कि अब राहु की चाल कुंभ राशि के अलावा चार अन्य राशियों को भी कष्ट दे सकती है.
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए राहु का यह गोचर मानसिक तनाव बढ़ा सकता है. परिवार के भीतर छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है. घर के सदस्यों के बीच मतभेद बढ़ने से माहौल प्रभावित हो सकता है. शादीशुदा लोगों को रिश्तों में गलतफहमियों से बचने की जरूरत होगी. कारोबार करने वाले लोगों को धन अटकने या भुगतान में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. इस समय जल्दबाजी में कोई आर्थिक फैसला लेना नुकसानदायक साबित हो सकता है.
कर्क राशि
कर्क राशि के लोगों के लिए यह समय कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है. नौकरी करने वाले लोगों का सहकर्मियों के साथ विवाद हो सकता है. ऑफिस में जिम्मेदारियां बढ़ने से मानसिक तनाव महसूस हो सकता है. जमीन-जायदाद या संपत्ति से जुड़े मामलों में रुकावट आने की संभावना है. व्यापारियों को भी आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि नुकसान की स्थिति बन सकती है. ऐसे समय में संयम और शांत व्यवहार बनाए रखना जरूरी रहेगा.
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए राहु का गोचर आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियां लेकर आ सकता है. अचानक खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित हो सकता है. परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य या पिता के साथ विचारों का टकराव बढ़ सकता है. करियर में कुछ रुकावटें आने से मन अशांत रह सकता है. कामकाज में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने से तनाव महसूस हो सकता है. संतान से जुड़ी कोई चिंता भी इस दौरान परेशान कर सकती है, इसलिए सोच-समझकर निर्णय लेने की जरूरत होगी.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह गोचर जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकता है. कार्यक्षेत्र में योजनाएं पूरी होने में देरी हो सकती है, जिससे निराशा महसूस हो सकती है. व्यापार से जुड़े लोगों को घाटे का सामना करना पड़ सकता है. बड़े निवेश या नई योजना शुरू करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी रहेगा. आर्थिक मामलों में अस्थिरता और अचानक बढ़ते खर्च चिंता का कारण बन सकते हैं. इस दौरान धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ना लाभकारी रहेगा.