हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए अगले दो दिन शिव आराधना के लिहाज से खास रहने वाले हैं. 10 मार्च को प्रदोष व्रत पड़ रहा है. प्रदोष व्रत के ठीक एक दिन बाद ही 11 मार्च को महाशिवरात्रि भी मनाई जाएगी. भगवान शिव के भक्त महाशिवरात्रि के दिन शिव मंदिरों में जाकर शिवलिंग पर बेलपत्र, दूध आदि चढ़ा-कर विधि विधान से पूजा व्रत और रात्रि जागरण करते हैं.
प्रदोष व्रत का महत्व
हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन प्रदोष व्रत किया जाता है. प्रदोष व्रत भगवान शिव और पार्वती को समर्पित एक बेहद ही फलदायी व्रत माना गया है. कहा जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से ही चंद्रमा को क्षय रोग से मुक्ति प्राप्त हुई थी. ऐसे में जो कोई भी व्यक्ति प्रदोष व्रत के दिन मां पार्वती और भगवान शिव की सच्चे मन और सही विधि-विधान के साथ पूजा करता है या व्रत करता है, उसके सभी कष्ट और परेशानियां अवश्य दूर होते हैं.
जानें प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat shubh Muhurat 2021)
प्रदोष व्रत तिथि – 10 मार्च 2021-बुधवार
फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी प्रारम्भ – 10 मार्च 2021 बुधवार को दोपहर 02 बजकर 40 मिनट से
त्रयोदशी तिथि समाप्त – 11 मार्च 2021 गुरुवार को 02 बजकर 39 मिनट तक
प्रदोष व्रत की पूजा का विधि-विधान
प्रदोष व्रत की पूजा बेहद ही सरल होती है. प्रदोष व्रत की पूजा की थाली में अबीर, गुलाल, चंदन, सुगंधित फूल, अक्षत, बिल्वपत्र, कलावा, घी या तेल का दीपक, सुगंधित कपूर और अगरबत्ती और भोग के लिए फल इत्यादि अवश्य शामिल करें. प्रदोष व्रत करने वाले व्यक्तियों को पूरे दिन अन्न नहीं ग्रहण करना होता है. आप चाहें तो इस दिन सुबह दूध ग्रहण कर सकते हैं. इसके बाद स्नान आदि करने के बाद पूजा और व्रत का संकल्प लें और पूजा के बाद फलाहार ग्रहण कर लें. हालांकि, व्रत में दिन भर नमक खाने से परहेज करें. इस दिन फलाहार भोजन किया जाता है.
प्रदोष व्रत के बाद पड़ रही है महाशिवरात्रि
प्रदोष व्रत के ठीक एक दिन बाद 11 मार्च को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी. भगवान शिव चतुर्दशी तिथि के स्वामी माने जाते हैं इसलिए प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. ज्योतिष शास्त्र में भी इस तिथि को बेहद ही शुभ माना गया है. मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इस दिन शिव-पार्वती की बारात भी निकाली जाती है.
महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त
11 मार्च, 2021- गुरुवार
निशीथ काल पूजा मुहूर्त: 24:06 से 24:55:14 तक
अवधि :0 घंटे 48 मिनट
महाशिवरात्रि पारण मुहूर्त: 12 मार्च को 06:36 से 12 मार्च को 15:04 तक
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के भक्त भोले का जलाभिषेक करते हैं. भगवान शिव को इस दिन बिल्वपत्र, शहद, दूध, दही, शक्कर, धतूरा, गंगाजल भी अर्पित किया जाता है. कहा जाता है कि भगवान शिव को श्रद्धा भाव से जलाभिषेक करने मात्र से ही सारी समस्याओं का अंत हो जाता है.