Mangal Nakshatra Parivartan 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा मंगल और छाया ग्रह राहु का संबंध बेहद उग्र और संवेदनशील माना जाता है. पराक्रम, ऊर्जा और क्रोध के कारक ग्रह मंगल अब राहु के स्वामित्व वाले आर्द्रा नक्षत्र में संचरण कर रहे हैं. आर्द्रा नक्षत्र तीखे बदलावों, उथल-पुथल और मानसिक तनाव का प्रतीक है. जब मंगल जैसा अग्नि तत्व ग्रह राहु के नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है और जल्दबाज़ी में उठाए गए कदम भारी नुकसान का कारण बन सकते हैं.
मंगल 2 सितंबर तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे. इस समय अवधि के दौरान कई राशियों को आर्थिक, पेशेवर और स्वास्थ्य संबंधी मोर्चे पर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है:
मेष राशि (Aries)
मेष राशि के स्वामी स्वयं मंगल हैं. राहु के नक्षत्र में जाने से आपके स्वभाव में अत्यधिक आक्रामकता और उतावलापन आ सकता है. कार्यक्षेत्र में सहयोगियों से वाद-विवाद से बचें. वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें, दुर्घटना या चोट की आशंका है. जल्दबाजी या भावुकता में लिया गया वित्तीय फैसला बड़ा नुकसान करा सकता है.
वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि वालों के लिए यह गोचर वाणी और धन भाव पर नकारात्मक असर डाल सकता है. अपनी वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखें, अन्यथा बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं और रिश्तों में दरार आ सकती है. अप्रत्याशित खर्चे बजट बिगाड़ सकते हैं. इस दौरान किसी को भी उधार देने से बचें.
सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि के जातकों को इस अवधि में मानसिक तनाव और करियर में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है. ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार होने से बचें और केवल अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें. रक्त संबंधी विकार, बीपी या अचानक स्वास्थ्य में गिरावट की समस्या हो सकती है.
वृश्चिक राशि (Scorpio)
मंगल के स्वामित्व वाली इस राशि के जातकों को गुप्त शत्रुओं और षड्यंत्रों से सावधान रहने की ज़रूरत है. किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें. कानूनी या कागजी कार्रवाई में पूरी सतर्कता बरतें. शेयर बाजार, सट्टा या जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाकर रखें, धन हानि के योग हैं.
मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि वालों को इस दौरान पारिवारिक जीवन और लेन-देन में बेहद संयम से काम लेना होगा. जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ वैचारिक मतभेद गहरे हो सकते हैं. अचानक कोई बड़ा अवांछित खर्च सामने आ सकता है, जिससे कर्ज लेने की स्थिति बन सकती है.
अशुभ प्रभावों से बचने के ज्योतिषीय उपाय
- प्रतिदिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें.
- मंगलवार के दिन किसी गरीब या जरूरतमंद को लाल मसूर की दाल, गुड़ या तांबे के बर्तन का दान करें.
- किसी भी बड़े फैसले को 2 सितंबर तक के लिए टालें या अनुभवी लोगों की सलाह लेकर ही आगे बढ़ें.