Durga Ashtami 2026 kanya Pujan Muhurat: आज चैत्र नवरात्र की दुर्गा अष्टमी मनाई जा रही है. कुछ लोग इस दिन कन्या पूजन करते नवरात्र का पारण भी करते हैं. इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है. महागौरी की महिमा अपार है. ये परम कल्याणकारी हैं. महागौरी पाप नष्ट करती हैं. अलौकिक सिद्धियों का वरदान देती हैं. देवी के स्वरूप की पूरी मुद्रा बहुत शांत है. कन्या पूजन का आज पहला मुहूर्त निकल चुका है तो आइए जानते हैं कि कन्या पूजन के लिए अगला व दूसरा मुहूर्त कितने बजे से शुरू होगा.
कन्या पूजन मुहूर्त (Durga Ashtami 2026 kanya Pujan Mhurat)
दूसरा शुभ मुहूर्त- आज सुबह 10 बजकर 56 मिनट से शुरू होगा, जो कि दोपहर 2 बजकर 01 मिनट तक रहेगा. वहीं, अगर कोई इस मुहूर्त में भी कन्या पूजन नहीं पाए तो वह जातक अभिजीत मुहूर्त में भी कन्या पूजन कर सकता है. अभिजीत मुहूर्त आज 12 बजकर 2 मिनट से लेकर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा.
कौन हैं मां महागौरी?
मां महागौरी मां दुर्गा का आठवां स्वरूप मानी जाती हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए लंबे समय तक कठिन तपस्या की थी. इस कठोर साधना के कारण उनका शरीर काला पड़ गया था. जब भगवान शिव प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए, तब उनके शरीर का रंग अत्यंत उज्ज्वल और सफेद हो गया. इसी कारण उनका नाम महागौरी पड़ा. मान्यता यह भी है कि माता सीता ने भगवान राम को पाने के लिए मां महागौरी की पूजा की थी. सफेद रंग से जुड़ी होने के कारण इनकी उपासना में श्वेत वस्तुओं का विशेष महत्व माना जाता है.
मां गौरी की पूजा विधि (Maha Ashtami maa gauri puja)
चैत्र नवरात्र की अष्टमी तिथि पर सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें और पूजा का संकल्प लें. पूजा स्थान पर दीपक जलाकर मां महागौरी का ध्यान करें. इसके बाद उन्हें सफेद और पीले फूल अर्पित करें और उनके मंत्रों का जाप करें. पूजा के अंत में हलवा, चने, पूरी, फल और मिठाई का भोग लगाएं. शांत मन और श्रद्धा के साथ की गई पूजा से मां प्रसन्न होती हैं.
महागौरी का प्रसाद (Maha Ashtami prasad)
अष्टमी के दिन मां महागौरी को उनका प्रिय भोग चढ़ाने की परंपरा है. इस दिन खासतौर पर नारियल से बनी मिठाई का भोग लगाना शुभ माना जाता है. इसके बाद इस प्रसाद को परिवार और जरूरतमंद लोगों में बांटना भी पुण्यदायी माना जाता है.