Chandra Grahan 3 march: 3 मार्च, मंगलवार को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा. जब धरती, सूरज और चांद के बीच आ जाती है और उसकी परछाई चांद पर पड़ती है, तो चंद्र ग्रहण होता है. इसी दौरान चांद हल्का लाल दिखाई देता है, जिसे लोग आम बोलचाल में ‘ब्लड मून’ कहते हैं. यह नजारा भारत में भी दिखाई देगा, हालांकि पूरा लंबा चरण नहीं दिखेगा. यहां ग्रहण अपने आखिरी दौर में नजर आएगा, लेकिन अगर मौसम साफ रहा तो लालिमा साफ देखी जा सकेगी.
भारत में चंद्र ग्रहण का समय
भारत में ग्रहण की खगोलीय शुरुआत दोपहर करीब 3 बजकर 20 मिनट से मानी जा रही है, लेकिन उस समय चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा.भारत में चंद्रमा का उदय लगभग शाम 6 बजकर 20 से 6 बजकर 30 मिनट के बीच होगा. दृश्य ग्रहण का समय करीब 6:30 बजे से 6:46 बजे तक रहेगा. ग्रहण समाप्ति का समय शाम 6 बजकर 46 मिनट बताया जा रहा है. यानि भारत में करीब 15 से 20 मिनट तक ही ग्रहण साफ तौर पर दिखाई देगा.
सूतक काल कब से लगेगा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है. सूतक का प्रारंभ 3 मार्च सुबह 9 बजकर 39 मिनट पर होगा, सूतक समाप्त शाम 6 बजकर 46 मिनट. इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं . इस दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते.
ब्लड मून कब दिखेगा?
जब चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया में पूरी तरह आ जाता है, तब वह लाल दिखाई देता है. भारत में जब चांद शाम को उगेगा, तब वह पहले से ग्रहणग्रस्त होगा. इसलिए उदय के समय ही उसमें हल्की लालिमा दिखाई दे सकती है. यही समय ब्लड मून देखने का सबसे बेहतर मौका होगा.
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें, क्या न करें
मान्यता है कि ग्रहण काल में पूजा-पाठ, जप और ध्यान करना शुभ माना जाता है. गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर दान करना शुभ माना जाता है. घर में रखे खाने को ढककर रखने की परंपरा भी है.