Chandra Grahan 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण काल को एक अत्यंत संवेदनशील और 'भारी' समय माना जाता है. साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च (फाल्गुन पूर्णिमा) को लगने जा रहा है. खगोलीय घटना होने के साथ-साथ, धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान निकलने वाली नकारात्मक किरणें वातावरण में दूषित ऊर्जा छोड़ जाती हैं.
यही कारण है कि ग्रहण के सूतक काल से लेकर ग्रहण के खत्म होने तक मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और खान-पान में सावधानी बरती जाती है. ग्रहण खत्म होते ही पूरे घर का शुद्धिकरण करना बेहद जरूरी होता है ताकि नकारात्मकता दूर हो सके. जानते हैं ग्रहण के बाद घर, मंदिर और किचन को किस तरह से पवित्र किया जाना चाहिए.
स्नान और गंगाजल का उपयोग
ग्रहण समाप्त होते ही सबसे पहले खुद को साफ करना चाहिए. पूरे घर के लोग स्नान करके साफ कपड़े पहनें. इसके बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें. गंगाजल को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र माना गया है, जो नकारात्मक ऊर्जा को तुरंत खत्म कर देता है.
मंदिर की सफाई और मूर्ति स्नान
ग्रहण के बाद घर के मंदिर का शुद्धिकरण जरूरी है, क्योंकि ग्रहण के दौरान मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं, इसके लिए सबसे पहले मूर्तियों से पुराना कपड़ा हटा दें. मंदिर के कोने-कोने को साफ पानी से पोंछें. भगवान की मूर्तियों को गंगाजल से स्नान कराएं. स्नान के बाद उन्हें नए वस्त्र पहनाएं, फिर से स्थापित करें.
ताजे फूल और आरती
पुराने चढ़े हुए फूल और मालाएं हटा दें क्योंकि वे दूषित माने जाते हैं. मंदिर में ताजे फूल अर्पित करें, धूप-दीप जलाएं. शुद्धिकरण के बाद भगवान की आरती जरूर करें. आरती और मंत्रों की ध्वनि से घर का वातावरण फिर से भक्तिमय और सकारात्मक हो जाता है.
किचन और चूल्हे की सफाई
किचन में शुद्धता का खास ध्यान रखें. ग्रहण के बाद गैस चूल्हा, स्लैब और अलमारियों को अच्छे से साफ करें. सिंक में रखे बर्तनों को दोबारा धो लें. अगर किसी खाने में आपने पहले से तुलसी का पत्ता डाला था, तो उसे अब निकाल दें. ग्रहण के बाद ताजा और सात्विक भोजन बनाना ही सबसे बेहतर होता है.
नमक के पानी का पोछा
पूरे घर की शुद्धि के लिए एक आसान उपाय करें. घर में पोछा लगाते समय पानी में चुटकी भर नमक मिला दें. नमक वास्तु दोष और बुरी ऊर्जा को सोख लेता है. इसके अलावा घर के मुख्य द्वार पर गौमूत्र छिड़कना भी बहुत शुभ और शुद्ध माना जाता है.
दान और पुण्य कार्य
ग्रहण के बाद दान का फल कई गुना बढ़ जाता है. अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, सफेद वस्त्र, दूध या चीनी का दान करें. किसी जरूरतमंद को भोजन कराना भी बहुत पुण्य का काम है. माना जाता है कि दान करने से चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव आपकी कुंडली से कम हो जाते हैं.