Chaitra Navratri 2026: साल 2026 में चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाई जाएगी. नवरात्र के नौ दिन देवी दुर्गा की उपासना के लिए बहुत पवित्र और शक्तिशाली माने जाते हैं. आमतौर पर इस समय विवाह, गृह प्रवेश या नई चीजें खरीदने जैसे कई शुभ कार्य भी किए जाते हैं. लेकिन, इस बार नवरात्र ऐसे समय में पड़ रही है जब खरमास चल रहा होगा.
खरमास में मनाई जाएगी चैत्र नवरात्र
द्रिक पंचांग के अनुसार, 15 मार्च 2026 को सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे और इसी के साथ खरमास की शुरुआत हो जाएगी. यह अवधि 14 अप्रैल 2026 तक रहेगी. चूंकि, चैत्र नवरात्र भी इसी समय के बीच पड़ रही है, इसलिए इस बार नवरात्र के दौरान मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जा रही है.
शास्त्रों के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य के लिए ग्रहों की अनुकूल स्थिति बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. जब सूर्य मीन राशि में होते हैं, तब बृहस्पति की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है. बृहस्पति को विवाह, धर्म, ज्ञान और मांगलिक कार्यों का कारक ग्रह माना जाता है. इसलिए इस अवधि में किए गए शुभ कार्यों का पूरा फल नहीं मिल पाता है. इसी कारण ज्योतिषाचार्य इस समय विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार, नया व्यवसाय शुरू करना या नया घर और वाहन खरीदने जैसे कार्यों से बचने की सलाह दे रहे हैं.
खरमास और नवरात्र का अद्भुत संयोग
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि यह समय पूरी तरह अशुभ है. खरमास और नवरात्र के इस संयोग को आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत विशेष माना जाता है. इस दौरान पूजा-पाठ, जप, तप और देवी दुर्गा की आराधना करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होगी. नवरात्र के इन दिनों में माता दुर्गा की भक्ति, दान-पुण्य, सेवा, मंत्र जाप और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना बहुत शुभ और फलदायी माना जाता है. ऐसा करने से व्यक्ति को मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होगा.
क्या रहेगा नवरात्र के पहले घटस्थापना का शुभ मुहूर्त?
उदयातिथि के अनुसार, चैत्र नवरात्र 19 मार्च को मनाई जाएगी. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस दिन घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 6 बजकर 52 मिनट से शुरू होगा और मुहूर्त का समापन 7 बजकर 53 मिनट पर होगा.
अगर कोई जातक इस मुहूर्त में कलशस्थापना नहीं कर पाए तो वह अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना कर सकता है. जिसका मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से लेकर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा.
चैत्र नवरात्र की तिथि (Chaitra Navratri 2026 Tithi)
प्रतिपदा (मां शैलपुत्री)- 19 मार्च 2026
द्वितीया (मां ब्रह्मचारिणी)- 20 मार्च 2026
तृतीया (मां चंद्रघंटा)- 21 मार्च 2026
चतुर्थी (मां कुष्मांडा)- 22 मार्च 2026
पंचमी (मां स्कंदमाता)- 23 मार्च 2026
षष्ठी (मां कात्यायनी)- 24 मार्च 2026
सप्तमी (मां कालरात्रि)- 25 मार्च 2026
अष्टमी (मां महागौरी)- 26 मार्च 2026
नवमी (मां सिद्धिदात्री) और रामनवमी- 27 मार्च 2026