बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व 22 अप्रैल की सुबह शंकराचार्य गद्दी, तेल कलश यात्रा, उद्धव और कुबेर मूर्ति के साथ मुख्य पुजारी रावल जी बद्रीनाथ धाम पहुंचे. अब 23 अप्रैल को यानी कल सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. ऐसे में धाम पर जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं.
बता दें कि 21 अप्रैल को भगवान विशालबद्री की डोली यात्रा जोशीमठ के नृसिंह मंदिर से पांडुकेश्वर के योग बद्री मंदिर पहुंची थी. आज इस डोली यात्रा में उद्धव और कुबेर की डोली शामिल होकर बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हो गई.
अब कल सुबह बद्रीविशाल के गर्भगृह में उद्धव और कुबेर के विराजमान होने के साथ ही लक्ष्मी जी बाहर वाले मंदिर में विराजमान होंगी. इसके साथ ही उत्तराखंड की चार धाम यात्रा का शुभारंभ हो जाएगा.
23 अप्रैल को पहले दिन सुबह 10 बजे से 11 बजे तक बद्रीविशाल के पुष्प शृंगार के दर्शन होंगे. कपाट खुलने के साथ ही अखंड ज्योति के दर्शन श्रद्धालुओं को कराए जाएंगे. सुबह 10 बजे के बाद बद्रीविशाल का महाभिषेक भी किया जाएगा. इसके साथ ही नित्य पूजा आरंभ हो जाएगी.
सूत्रों के अनुसार, चारधाम यात्रा 2026 के पहले दिन कुल 9,800 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री और गंगोत्री के दर्शन किए. इसमें यमुनोत्री धाम में 8,200 और गंगोत्री धाम में 1,600 श्रद्धालुओं की संख्या दर्ज की गई. 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोले जा चुके हैं.
अब भक्तों को बद्रीनाथ धाम कपाट खुलने का बेसब्री से इंतजार है, जिसके बाद चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से श्रद्धालुओं के लिए शुरू हो जाएगी. चारधाम यात्रा 2026 से पहले श्री बद्रीनाथ धाम में चमोली प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद कर दी है.