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'मैं नार्को टेस्ट के लिए तैयार हूं', रमेश मीणा की अशोक गहलोत को खुली चुनौती

राजस्थान के पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 2020 के राजनीतिक संकट के दौरान 10 करोड़ रुपये लेने के आरोप पर नार्को टेस्ट करवाने की चुनौती दी है. मीणा ने कहा कि गहलोत के पास यदि कोई सबूत है तो वे खुद भी नार्को टेस्ट कराएं. उन्होंने आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि कांग्रेस मजबूत होने पर ऐसे झूठे आरोप लगाए जाते हैं.

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किसान सम्मेलन के दौरान मीणा ने कहा नार्को टेस्ट करवाने के लिए हूं (Photo: X/@rameshmeena63)
किसान सम्मेलन के दौरान मीणा ने कहा नार्को टेस्ट करवाने के लिए हूं (Photo: X/@rameshmeena63)

राजस्थान के पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को बड़ी चुनौती दी. उन्होंने कहा कि अगर गहलोत के पास इस बात का कोई भी सबूत है कि उन्होंने साल 2020 के राजनीतिक संकट के दौरान 10 करोड़ रुपये लिए थे, तो वे उनका नार्को टेस्ट करवा लें. 

दरअसल, अशोक गहलोत के खेमे ने हाल ही में एक पुराना मुद्दा फिर से उठाया है. उनका आरोप है कि 2020 में जिन कांग्रेसी विधायकों ने तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत की थी, उन्होंने सरकार को गिराने के लिए 10 करोड़ रुपये एडवांस लिए थे.

इस पर पलटवार करते हुए रमेश मीणा ने कहा कि जब भी कांग्रेस मजबूत होने लगती है, तो ऐसे झूठे आरोप बार-बार लगाए जाते हैं. रमेश मीणा भी उस समय बगावत करने वाले विधायकों की लिस्ट में शामिल थे, इसलिए उन्होंने आरोप से इनकार किया और कहा कि वो नार्को टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं.

रमेश मीणा का गहलोत पर जोरदार पलटवार

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, करौली में आयोजित एक किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए रमेश मीणा ने न सिर्फ अपना पक्ष रखा, बल्कि अशोक गहलोत पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने गहलोत को चुनौती देते हुए कहा कि सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि अशोक गहलोत का भी नार्को टेस्ट होना चाहिए ताकि ये साफ हो सके कि गहलोत ने अपनी सरकार बचाने के लिए निर्दलीय, बीटीपी (BTP) और भाजपा (BJP) के विधायकों को कितना पैसा दिया था. 

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मीणा ने दावा किया कि उनके पास इस बात के पक्के दस्तावेज भी मौजूद हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गहलोत को तीन बार राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया गया, लेकिन उनके नेतृत्व में कांग्रेस को हर बार करारी चुनावी हार का सामना करना पड़ा.

अपने भाषण के दौरान रमेश मीणा ने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी से भी एक अहम अपील की. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने आस-पास रहने वाले और सलाह देने वाले लोगों का सही आकलन करना चाहिए. उन्हें गलत सलाहकारों के बजाय पार्टी के ईमानदार कार्यकर्ताओं पर भरोसा करना चाहिए. 

क्या था 2020 का राजस्थान राजनीतिक संकट?

साल 2020 में सचिन पायलट और रमेश मीणा समेत कई कांग्रेसी विधायकों ने अशोक गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी. इस वजह से राजस्थान सरकार गिरने की कगार पर आ गई थी. बाद में दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के दखल के बाद ये मामला शांत हुआ था. इस विवाद के बाद सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था.
 

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