राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ स्थित अलावडा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. चार साल पहले मृतका की शादी हुई थी. उसका पति दिमागी रूप से कमजोर था. इसलिए उसका चाचा परिवार की जमीन हड़पना चाहता था. इसलिए आए दिन महिला के साथ परिवार के लोग मारपीट करते थे. महिला के परिजनों को सूचना मिली कि उनकी बेटी की तबीयत खराब है. परिजन उससे मिलने पहुंचे और अगले ही दिन उनकी बेटी की मौत हो गई. परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है.
मृतक विवाहिता सायदा के पिता मन्नू खां निवासी जयसिंहपुर थाना बदौडामेव ने ससुराल पक्ष के लोगों चाचा और ताऊ और उनकी महिलाओं और उनके बेटों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है. पिता ने रामगढ़ थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 4 साल पहले उसकी बेटी सायदा की शादी अलावड़ा के अतिमोहम्मद के साथ मुस्लिम रीति रिवाज के साथ हुई थी.
अति मोहम्मद के माता-पिता की बचपन में ही मौत हो गई थी. दामाद के चाचा जमाल और ताऊ कमाल के बेटे अति मोहम्मद की जमीन और मकान को जबरन हड़पना चाहते थे. इसलिए आए दिन सायदा के साथ मारपीट करते थे. 2 मई को अति मोहम्मद ने फोन किया कि सायदा बीमार है और उससे मिलने के लिए आ जाओ. दूसरे दिन परिवार के लोग सायरा से मिलने के लिए अलावडा गांव पहुंचे. वहां अति मोहम्मद घर पर नहीं था. उसके बाद सायदा को बड़ौदामेव अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत गंभीर होने पर उसे अलवर रैफर किया गया.
अलवर के एक निजी हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सायदा के परिजनों ने बताया कि अति मोहम्मद मानसिक रूप से बीमार है. उसी का फायदा उठाकर उसके चाचा और ताऊ ने जमीन को हड़कपने कि नीयत से उसकी बेटी की हत्या कर दी. पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने मृतका के शव का मेडिकल के बोर्ड के द्वारा पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है.
थानाधिकारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि मृतका विवाहिता के पीहर पक्ष ने चाचा और ताऊ के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया है. उनका आरोप है कि दामाद दिमाग से कमजोर है. इसी का फायदा उठाकर जमीन पर कब्जा करने नीयत से उसकी बेटी की हत्या की गई. पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की हर एंगल से जांच कर रही है.