राजस्थान के कोटा शहर में विज्ञान नगर क्षेत्र से सामने आया मनीष शर्मा उर्फ मोइन खान का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है. शुरुआत में यह मामला टेलीग्राम ग्रुप और अश्लील सामग्री तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन अब इसने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है. बजरंग दल इस पूरे मामले को द केरला स्टोरी से भी बड़ी कोटा स्टोरी बता रहा है और इसे हिंदू महिलाओं को निशाना बनाने, कथित धर्मांतरण, सोशल मीडिया नेटवर्क और देश विरोधी गतिविधियों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है. दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में ऐसे दावों की पुष्टि नहीं हुई है और जांच अभी जारी है.
मामले की शुरुआत 15 जून को हुई, जब बजरंग दल कार्यकर्ता योगेश रेनवाल की शिकायत पर विज्ञान नगर थाने में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(ए), 196(1)(बी), 299, 352 तथा आईटी एक्ट की धारा 66, 67 और 67ए के तहत प्रकरण दर्ज किया. इसके बाद आरोपी मनीष शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया. बजरंग दल का दावा है कि यह केवल अश्लील वीडियो देखने या साझा करने का मामला नहीं है. संगठन का आरोप है कि विज्ञान नगर निवासी मनीष शर्मा ने अपना नाम बदलकर मोइन खान रखा और टेलीग्राम, स्नैपचैट तथा डिस्कॉर्ड जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से हिंदू महिलाओं और युवतियों को निशाना बनाया.
संगठन का यह भी दावा है कि आरोपी ने स्वयं धर्म परिवर्तन किया और इसके बाद कथित रूप से हिंदू महिलाओं को फंसाने, धार्मिक प्रतीकों का अपमान कराने और वीडियो एकत्रित करने जैसी गतिविधियों में शामिल रहा. बजरंग दल का कहना है कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जानी चाहिए क्योंकि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है. बजरंग दल कार्यकर्ता योगेश रेनवाल ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि आरोपी के मोबाइल फोन में हिंदू महिलाओं के 40 हजार से अधिक अश्लील वीडियो मिले हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कई वीडियो में महिलाओं के शरीर पर ओम और स्वास्तिक जैसे धार्मिक चिन्ह दिखाई देते हैं. कुछ वीडियो में देवी-देवताओं और शिवलिंग से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री होने का भी दावा किया गया है.
40 हजार से अधिक वीडियो मिलने का दावा
योगेश रेनवाल का कहना है कि मनीष शर्मा ने कथित रूप से खतना करवाकर धर्म परिवर्तन किया और इसके बाद मोइन खान नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हो गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ऑडियो और चैट में पाकिस्तान से जुड़े लोगों द्वारा निर्देश दिए जाने जैसी बातें सामने आई हैं. बजरंग दल ने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है. संगठन ने राष्ट्रीय एजेंसियों से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि सोशल मीडिया अकाउंट, टेलीग्राम ग्रुप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की गहन जांच की जानी चाहिए.
संगठन का दावा है कि कुछ टेलीग्राम ग्रुप और ऑडियो में हिंदू महिलाओं को निशाना बनाने, उन्हें फंसाने और वीडियो रिकॉर्ड करने जैसी बातें सामने आई हैं. साथ ही कुछ ग्रुपों में जिहाद-अल-अकबर और गजवा-ए-हिंद जैसे शब्दों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है. हालांकि इन दावों की अब तक किसी जांच एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है. दूसरी तरफ पुलिस का रुख इससे अलग नजर आ रहा है. कोटा शहर के एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा ने कहा है कि एक माह पहले दर्ज इस प्रकरण की जांच जारी है और अभी तक धर्म परिवर्तन से संबंधित कोई तथ्य सामने नहीं आया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू देवी-देवताओं के अपमान से जुड़ी बातों की भी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है.
एडिशनल एसपी के अनुसार आरोपी टेलीग्राम ग्रुप से जुड़कर अश्लील वीडियो और पोर्न सामग्री देख रहा था. इसी आधार पर उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान कनेक्शन से जुड़ा कोई ऑडियो या प्रमाण अभी तक पुलिस जांच में सामने नहीं आया है.
मामले के जांच अधिकारी सीआई मांगीलाल ने बताया कि मनीष शर्मा विज्ञान नगर का निवासी है और वह कई टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा हुआ था. उन्होंने कहा कि आरोपी ने मोइन खान नाम का इस्तेमाल किया था और टेलीग्राम ग्रुप से वीडियो तथा फोटो डाउनलोड कर रखे थे. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसने कथित रूप से धर्म परिवर्तन किया था या नहीं. फिलहाल आरोपी जेल में है और मामले की जांच जारी है.
जेल में आरोपी, लेकिन कई सवालों के जवाब अभी बाकी
इस पूरे प्रकरण में एक तरफ बजरंग दल के गंभीर आरोप हैं, जबकि दूसरी ओर पुलिस जांच में अब तक सामने आए तथ्य हैं. दोनों के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है. ऐसे में अब सभी की नजर जांच के अंतिम निष्कर्षों पर टिकी हुई है. आने वाले दिनों में जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला केवल सोशल मीडिया और अश्लील सामग्री तक सीमित है या इसके पीछे वास्तव में कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था.