राजस्थान के कोटा में पुलिस महकमे की छवि को धक्का पहुंचाने वाला मामला सामने आया है. यहां कुन्हाड़ी थाने में तैनात एएसआई वेद प्रकाश को एक रेस्टोरेंट पर पत्थर फेंकने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. आरोप है कि कुछ दिन पहले फ्री खाना और डिस्काउंट को लेकर रेस्टोरेंट संचालकों से हुए विवाद के बाद एएसआई ने देर रात रेस्टोरेंट पहुंचकर पत्थर फेंका था. यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई.
फ्री भोजन और डिस्काउंट को लेकर किया हमला
पुलिस के अनुसार वेद प्रकाश को हाल ही में कुन्हाड़ी क्षेत्र की लैंडमार्क पुलिस चौकी का प्रभारी बनाया गया था. इसी दौरान इलाके के एक रेस्टोरेंट में फ्री भोजन और डिस्काउंट को लेकर उसका विवाद हो गया. इसके कुछ दिन बाद वह कथित तौर पर वर्दी का रौब दिखाते हुए रेस्टोरेंट की जांच करने भी पहुंचा. मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने पर उसे वहां से वापस बुला लिया गया.
आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर 5 जुलाई की रात ड्यूटी खत्म करने के बाद एएसआई अपनी निजी कार से करीब 1:30 बजे रेस्टोरेंट पहुंचा और वहां एक पत्थर फेंककर फरार हो गया. रेस्टोरेंट प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज के साथ अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.
CCTV से ऐसे पहुंची पुलिस आरोपी तक
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले. फुटेज में चेहरा पूरी तरह स्पष्ट नहीं था, लेकिन संदिग्ध की चाल और हुलिए के आधार पर शक एएसआई वेद प्रकाश पर गया. इसके बाद फुटेज में दिखाई दे रही कार के मॉडल, रंग और कंपनी का मिलान किया गया, जो एएसआई की निजी कार से मेल खाती बताई गई.
जांच में यह भी सामने आया कि कार की हेडलाइट हाई बीम पर रखी गई थी, जिससे कैमरे में नंबर प्लेट साफ दिखाई न दे. अंधेरे का भी फायदा उठाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने एएसआई वेद प्रकाश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. पूरे प्रकरण की जांच डीएसपी पूनम चौहान को सौंपी गई है.
एएसआई ने आरोपों से किया इनकार
एएसआई वेद प्रकाश ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है. उनका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं है और केवल कार के आधार पर उन्हें आरोपी बनाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि घटना वाली रात वह रेस्टोरेंट के पास गया ही नहीं था, बल्कि खाना खाने के बाद सीधे अपने घर चला गया था. उनके मुताबिक, उनके खिलाफ की गई कार्रवाई गलत है.