राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जोधपुर के भूंगरा गैस सिलेंडर दुर्घटना के पीड़ित परिवारों को गोद लेने का फैसला किया है. ट्विटर के जरिए उन्होंने इसकी जानकारी दी. दरअसल, मंगलवार को वह वीभत्स त्रासदी से पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचीं थी. इस दौरान दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए उन्होंने कामना की.
वसुंधरा ने ट्वीट किया, ''इस हादसे में जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनका दुःख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. मैंने इस त्रासदी से आहत समस्त परिवारों को गोद लेने का निर्णय लिया है. हमारे जनप्रतिनिधि इसका आंकलन करेंगे, जिसके अनुसार मृतकों के परिजनों व घायलों के भोजन, आवास, बच्चों की शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी को निभाने में उनकी सहायता करने जैसी व्यवस्थाएं की जाएंगी.''
मैंने इस त्रासदी से आहत समस्त परिवारों को गोद लेने का निर्णय लिया है। हमारे जनप्रतिनिधि इसका आंकलन करेंगे, जिसके अनुसार मृतकों के परिजनों व घायलों के भोजन, आवास, बच्चों की शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी को निभाने में उनकी सहायता करने जैसी व्यवस्थाएं की जाएगी।
— Vasundhara Raje (@VasundharaBJP)
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, ''भूंगरा गांव में पहुंची तो अधजली सुहाग की चूड़ियां, बिखरा हुआ सिंदूर एवं जले हुए लहंगे सहित अन्य सामान देखकर हृदय बिफर उठा. कुछ लोग अनेकों तरह की बाते करते हैं, लेकिन ऐसी वीभत्स घटना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. जब यहां खून से सनी दीवारें दिखीं तो मैं खुद अपनी आंखों को बहने से नहीं रोक पाई. जब ऐसा भयानक मंजर देखने मात्र से ही रूह कांप जाती है, तो उन बेचारों पर क्या बीती होगी जिन्होंने इसे सहा है. यह सब देखकर मन से बस एक ही आवाज आई, हे ईश्वर ऐसा कभी न हो.''
हादसे में घायल हुए 50 में से 35 लोगों की हो चुकी है मौत
उल्लेखनीय है कि जोधपुर के शेरगढ़ मंडल के भूंगरा में 8 दिसंबर को सिलेंडर फटने से आग लग गई थी. इसमें करीब 50 लोग घायल हो गए थे. इस घटना में घायल हुए लोगों में से पैंतीस ने मंगलवार तक दम तोड़ दिया.
जो लोग इस हादसे में अलविदा कह गए वे सब अपने ही थे। यह एक ऐसा हादसा है, जो हमेशा हमारे मन में कांटे की तरह चुभता रहेगा। जो चले गए वो वापस तो नहीं आ सकते, लेकिन उनके परिजनों को जो गहरे घाव मिले हैं, उन पर हम अपनी सद्भावनाओं का मरहम तो लगा ही सकते हैं।
— Vasundhara Raje (@VasundharaBJP)
बता दें, राजस्थान सरकार की तरफ से भी मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है. मृतकों के परिवारों को संबल देने के लिए संविदा पर रोजगार मुहैया कराने के लिए भी निर्देश दिए हैं.