
राजस्थान में भारत-पाक सीमा पर 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत सीमा से सटे इलाकों में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इसी क्रम में इंडो पाक बॉर्डर से लगते बाड़मेर जिले में बॉर्डर के नजदीक स्थित मालाणा गांव में पुलिस और प्रशासन की टीम ने गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक मस्जिद को ध्वस्त कर दिया.
अतिक्रमण की जद में आने वाली इस मस्जिद का निर्माण करीब 4 साल पहले ही हुआ था. मस्जिद पर कार्रवाई के बाद आसपास रहने वाले लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर कई तरह के सवाल उठाए है.
नोटिस का जवाब देने से पहले ही हटा दी गई मस्जिद
मदरसे में पढ़ाने वाले मौलवी मारूफ खान ने बताया कि उन्हें नोटिस एक दिन पहले ही दिया गया था और अगले ही दिन कार्रवाई कर दी गई.
मौलवी के मुताबिक, वे नोटिस का जवाब देने की प्रक्रिया में थे. लेकिन, उससे पहले ही प्रशासन ने मस्जिद को गिरा दिया. मौलवी का कहना है कि उन्होंने किसी भी प्रकार का विरोध दर्ज नहीं कराया.
गृहमंत्री ने बीकानेर में ली थी कलेक्टर्स और एसपी की मीटिंग
पिछले महीने केंद्रीय गृह मंत्री अमितशाह ने बीकानेर में सीमा से जुड़े क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक की थी. इस दौरान बॉर्डर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे. इसके बाद बाड़मेर प्रशासन ने सीमा से सटे इलाकों में जानकारी जुटाकर अपनी रिपोर्ट तैयार की.
इसी के आधार पर आज बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने बोर्डर के इलाकों में बुलडोजर कार्रवाई शुरू की.

बॉर्डर से 2 KM के दायरे में थी मस्जिद
बॉर्डर से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित मदरसे परिसर में बनी मस्जिद को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त किया. प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण अवैध अतिक्रमण की श्रेणी में आता है.

बेवजह किया जा रहा परेशान: ग्रामीण
मलाना गांव निवासी हाशिम खान ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है और उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. उनका कहना है कि कार्रवाई से पहले पर्याप्त समय नहीं दिया गया और यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि सरकार की ओर से क्या अपेक्षाएं हैं.
सांसद और विधायक बोले, इस तरह की कार्रवाई गलत
कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि वे पिछले दो दिनों से प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन, उन्हें कोई जवाब नहीं मिल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आर्थिक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है.
वहीं बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि "राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. लेकिन, जिस तरीके से यह कार्रवाई की जा रही है, वह पूरी तरह से गलत है.
प्रशासन ने कार्रवाई पर साधी चुप्पी
इस पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है. अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कार्रवाई के दौरान कुल कितने अतिक्रमण हटाए गए. इस बात की जानकारी कोई साझा नहीं करना चाहता.