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पानी टंकी पर चढ़ी महिला का हाई वोल्टेज ड्रामा, मशक्कत के बाद नीचे उतारा तो सुनाई आप बीती

अलवर में पुलिस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए एक महिला पानी की टंकी पर चढ़ गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. महिला ने मारपीट और सामान छीनने का आरोप लगाया, जबकि दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को गलत बताया. पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी समझाइश के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा.

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पानी टंकी पर चढ़ी महिला, मशक्कत के बाद नीचे उतारा तो सुनाई आप बीती (Photo: itg)
पानी टंकी पर चढ़ी महिला, मशक्कत के बाद नीचे उतारा तो सुनाई आप बीती (Photo: itg)

राजस्थान में अलवर शहर के प्रताप स्कूल में तिजारा फाटक निवासी महिला मिथलेश पानी की टंकी पर चढ़ गई. महिला का आरोप था कि बोधन कॉलोनी निवासी एक आर्मी अफसर के पिता ने उसके और उसके बेटे के साथ मारपीट की. जबरन उनका मोबाइल व लैपटॉप छीन लिया. अरावली विहार थाने में 2 महीने पहले शिकायत देने के बावजूद जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो तंग आकर उसे यह कदम उठाना पड़ा. करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने महिला को समझाइश कर टंकी से नीचे उतारा. टंकी से नीचे उतरने के बाद रोते हुए मिथलेश ने अपनी आपबीती सुनाई.

महिला के बेटे दीपक ने बताया कि 30 अप्रैल को आर्मी कैप्टन की शादी में केवल अलवर के कार्यक्रम के लिए फोटोग्राफी की बुकिंग तय हुई थी, जिसे मैंने पूरा कर दिया. आखिरी वक्त में उन्होंने गुरुग्राम चलने का दबाव बनाया. शादी के बाद डाटा देने के लिए उन्होंने मुझे घर बुलाया. वहां कैप्टन के पिता ने मुझे धमकाया कि 'CO से फोन करवाकर थाने में इलाज करवा दूंगा. उन्होंने मेरा आईफोन, लैपटॉप और डाटा पेन ड्राइव छीन लिया. इसके बदले में मुझसे 2 लाख रुपए का चेक मांगा गया. जब मैंने मना किया तो मारपीट कर खाली कागज पर जबरन लिखवा लिया कि मैं अपनी मर्जी से सामान छोड़ कर जा रहा हूं. 

पीड़ित महिला का आरोप है कि अरावली विहार थाने में रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस ने मदद करने के बजाय उन्हें फटकार कर भगा दिया. डेढ़-दो महीने तक कोई सुनवाई नहीं होने पर मजबूरी में मां को टंकी पर चढ़ना पड़ा.

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वही दूसरे पक्ष की महिला प्रेमवती (कैप्टन की मां) ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए फोटोग्राफर पर ही धोखा देने का आरोप लगाया है. महिला ने कहा कि “मेरा बेटा कैप्टन है और बहू लेफ्टिनेंट. फोटोग्राफी के लिए 71 हजार रुपए तय हुए थे, जिसमें से हमने 55 हजार रुपए (40 हजार लग्न पर, 11 हजार एडवांस और बाकी बारात के दिन) दे दिए थे.

इसके बावजूद बारात जब बड़ौदामेव पहुंची, तो उसने और पैसों की मांग की और फिर फोन बंद कर दिया. दीपक के फोन बंद करने के कारण हमें गुरुग्राम में ऐन वक्त पर दूसरा फोटोग्राफर एडवांस देकर बुलाना पड़ा, जिससे हमारा नुकसान हुआ प्रेमवती का दावा है कि दीपक का सामान उनके पास सुरक्षित है. तीनों मां-बेटे खुद हिसाब करने आए थे और दीपक ने खुद लिखकर दिया था कि वह 'डेढ़ लाख रुपए देकर अपना सामान ले जाएगा.' ऐसा लिखते हुए उनका वीडियो भी बनाया गया है.

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