लोग सिर्फ युद्ध में नहीं मारे जाते, वो कहीं भी मारे जा सकते हैं. एक तरफ अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच जंग में सब कुछ तबाह हो रहा है, लोगों की जान जा रही है, उस युद्ध क्षेत्र में जिंदा बचे रहना और जिंदा निकल आना आसान नहीं है. क्योंकि युद्ध क्षेत्र में मौत तांडव करती है. लेकिन मौत सिर्फ युद्ध क्षेत्र में तांडव नहीं करती वो अपना समय और स्थान कहीं भी चुन लेती है. ऐसा ही स्थान उसने चुना बिहार के नालंदा में, बैसाख का अंतिम दिन दर्द, दुख और तकलीफ लेकर आया, नालंदा के प्रसिद्ध शीतला मंदिर में लोगों का सैलाब उमड़ा था, लोग लंबी आयु की कामना लिए हुए पहुंचे थे. हजारों की भीड़ थी, अचानक भगदड़ मची जिसमें 9 लोगों की जान चली गई, इनमें 8 महिलाएं थीं और 1 पुरुष.