यूसीसी पर धर्मयुद्ध शुरू हो गया है.. तीन दिन पहले अमित शाह ने कहा था कि वो एनडीए और बीजेपी शासित 21 राज्यों में यूसीसी लाने की तैयारी कर रहे हैं... और इन तीन दिनों में ही अच्छा खासा सियासी संग्राम खड़ा हो गया.. ओवैसी ने तो यूसीसी के खिलाफ सभाएं करनी शुरू कर दी हैं... देशभर के मुस्लिम नेता यूसीसी पर एक जुबान बोल रहे हैं... ओवैसी तो साफ कह रहे हैं कि किसी कीमत पर यूसीसी नहीं मानेंगे. देखें...
आज से करीब 6 साल 3 महीने पहले मुंबई में एक लड़की की मौत हुई थी.. नाम था दिशा सालियान... वो एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर थी.. दिशा की मौत के कुछ दिन बाद ही सुशांत की भी मौत की खबर आई तो दोनों ही मौत को एक साथ जोड़कर देखा गया.. खूब हल्ला हंगामा मचा... और अब 6 साल के बाद सीबीआई ने दिशा सालियान की मौत पर एक FIR दर्ज की है.. जिसमें कोई नामजद आरोपी तो नहीं है. देखें...
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों में कुछ ही महीने बाकी हैं, मगर उससे पहले ही दोनों प्रमुख पार्टियों ने अपनी-अपनी पिच तय कर दी है. बीजेपी सनातन के सहारे तीसरी बार लगातार सरकार बनाने की कोशिश कर रही है तो विपक्ष को लगता है कि अगर वोट जातियों में बंट गया तो उनके लिए ज्यादा मुफीद होगा. जाति Vs सनातन, वोटर क्या चुनेगा? देखें विशेष.
पश्चिम एशिया में हूती के हमलों ने एक बार फिर हड़कंप मचा दिया है. एक तरफ जहां हूती ने बाब अल-मंदेब पर कब्जे का एलान किया है वहीं सऊदी अरब के कई ठिकानों पर हमलों के बाद से घमासान तेज हो गया है. इस हमले के मद्देनजर हर किसी की नजर टिक गई है मक्का समझौते पर. लेकिन सवाल यही है कि क्या पाकिस्तान और तुर्किए सऊदी अरब का साथ देंगे? देखें विशेष.
BRICS समिट की साइडलाइंस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. करीब 50 मिनट तक ये बैठक चली. इस दौरान सीमा से जुड़े मौजूदा समझौते को मानने पर जोर दिया. पीएम मोदी ने कहा, मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए. देखें विशेष.
अब बात शी जिनपिंग की.. जो पूरे 6 साल और 11 महीने के बाद भारत आ रहे हैं.. आखिरी बार अक्टूबर 2019 में आए थे... लेकिन उसके अगले ही साल गलवान हो गया... और भारत और चीन के कूटनीतिक संबंधों में खटास आ गई... भारत चीन के संबंधों पर जमी बर्फ पिघलने में कई साल लग गए.. पिछले साल ही पहली बार मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय वार्ता हुई.. और अब जिनपिंग भारत आ रहे हैं.. तो 7 साल पहले तमिलनाडु के मल्लापुरम से अब भारत मंडपम तक भारत और चीन के रिश्ते कैसे रहे. देखें...
उज्जैन में हनुमान मंदिर के विस्थापन का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है... हनुमान जी की मूर्ति अपनी जगह से क्यों नहीं हिल रही है.. इस रहस्य को सुलझाने के लिए अब एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.. और दूसरी तरफ इस मंदिर को बचाने के लिए एक आंदोलन भी खड़ा हो गया है... उधर मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मौजूदा CM मोहन यादव को चिट्ठी लिखकर इस मंदिर को नहीं हटाने की मांग की है. देखें...
आज विशेष में बात करेंगे.. उज्जैन की.. जहां आस्था और विकास आमने सामने हो गए हैं.. उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ कुंभ होना है.. जिसके लिए वहां शहर की सड़कें चौड़ी की जा रही हैं... एक प्राचीन हनुमान मंदिर भी हटाया जाना था... मंदिर का भवन तो तोड़ दिया गया.. लेकिन जब मूर्ति को हटाने की बारी आई तो मामला अटक गया.. क्योंकि ये तय हुआ था कि मूर्ति को यहां से उठाकर दूसरी जगह स्थापित किया जाएगा.. लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी प्रशासन इस प्रतिमा को हटा नहीं पाया. देखें...
आज विशेष में बात कानपुर के मशहूर दवा कारोबारी की हत्या की करेंगे, जिसमें मास्टरमाइंड दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की बहू ही निकली... बहू ने ससुर के कत्ल की सुपारी 6 लाख रुपये में दी थी.. वो भी अपने घर के पुराने नौकर को... लेकिन सवाल है क्यों? एक बहू अपने ही ससुर की जान की दुश्मन क्यों बनी.. एक बहू को अपने ही ससुर से इतनी नफरत क्यों हुई.
इस वक्त गंगा के किनारे बसे इलाकों पर आफत आई हुई है.. खास तौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार में... बिहार में तो सरकार ने 8 जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया है. और बड़ी खबर ये आ रही है कि बिहार में गंगा नदी अगले 4 से 5 दिनों तक बढ़ने की आशंका है... बिहार में गंगा सामान्य के ऊपर से अत्यधिक बाढ़ की स्थिति घोषित हो चुकी है. बक्सर, पटना, सारण, वैशाली, खगड़िया, मुंगेर और भागलपुर में बाढ़ का खतरा है पटना में गांधी घाट पर जलस्तर 5 सितंबर सुबह 8 बजे तक 50.52 मीटर छूने का अनुमान है.
यूपी बिहार में इस वक्त बाढ़ का कहर है.. खास तौर पर गंगा नदी के किनारे वाले जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.. गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है... खतरे के निशान को पार कर रहा है.. यूपी की बात करें, तो वाराणसी, प्रयागराज और फर्रुखाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित है.. वाराणसी में तो हालात ये हो गए हैं कि घाटों के किनारे अंतिम संस्कार करना मुश्किल हो गया है.
नेपाल की तबाही के बाद से लगातार ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या जलवायु परिवर्तन हिमालय के लिए बहुत ज्यादा खतरनाक साबित होने वाला है... नेपाल में ग्लेशियर के पिघलने के बाद बाढ़ आई... ग्लेशियर ऊपर हिमालय पर पिघले और जब वो नीचे बहे तो अपने साथ भारी मात्रा मलबा लेकर आते गए.. फोर्स बनता गया और तबाही मचती गई.. अब IIT मंडी की एक नई रिसर्च ने भारत के लिए खतरे की घंटी बजा दी है... उधर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से हालात खराब हो रहे हैं.
नेपाल का दर्द इतना बड़ा है कि जिसकी भरपाई हो ही नहीं सकती.. कुदरत ने नेपाल को तबाह कर दिया.. बर्बाद कर दिया... कहानियां ऐसी हैं कि रोंगटे खड़े हो जाएं... एक एक घर से 24-24 शव मिल रहे हैं... पिता के सामने बेटा बह गया.. पति के सामने पत्नी बह गई... परिवार के परिवार बिखर गए.. हजारों लोगों को जीवन भर का दर्द मिला है... और ऐसी ही कहानियों के बीच कुछ लोग ऐसे भी थे... जो भीषण बाढ़ में घिरने के बाद भी बच गए.
फ्लैश फ्लड में सेंट्रल नेपाल के कई इलाके पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं... 6 दिनों के बाद मलबे में जिंदगी तलाशना सबसे बड़ा टास्क है.. और खास तौर पर उन जल विद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में.. जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि इनके करीब 900 कर्मचारी लापता हैं... ये भी दावा है कि बहुत से कर्मचारी इन सुरंगों में फंसे हो सकते हैं.. इनकी तलाश में नेपाली सेना ने दिन रात एक किया हुआ है.
चित्रकूट पर सैलाबी संकट की मार पड़ रही है. जहां मंदाकिनी नदी का बढ़ा जलस्तर भारी आफत लेकर आया है. नदी किनारे घाट डूब गए हैं. शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है. लोगों की मदद के लिए लगातार रेक्स्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. भारी बारिश के बीच पूरे शहर में हाहाकार मचा हुआ है. देखें विशेष.
नेपाल में.रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहे हैं. अपनों की तलाश में लोग भटक रहे हैं. नुवाकोट का मानों नक्शा ही बदल गया है. सड़क-दुकान-मकान सब बराबर हो गए हैं. जिन घरों में कभी खुशियां चहकती थीं, आज उन्हीं घरों के बाहर बेबस और लाचार लोगों का दर्द नजर आ रहा है. विशेष में देखें ग्राउंड जीरो से तबाही के निशान.
नेपाल में ऐसी तबाही हुई है कि ये पूरा देश कई बरस पीछे हो गया है. सबकुछ बर्बाद हो गया. इस बीच लापता लोगों को खोजने में नेपाल ने पूरी ताकत लगाई हुई है, और ऐसे में देवदूत बनकर आई है नेपाल की सेना. नेपाल की सेना ने एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट साइट की टनल में एक ऐसा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जो बहुत मुश्किल था. यहां 350 से ज्यादा मजदूरों को सुरक्षिल बाहर निकाला गया. देखें विशेष.
जहां कल इस महाप्रलय ने तबाही मचाई थी... इस तबाही को 32 घंटे से ज्यादा का वक्त हो चुका है.. लेकिन तबाही के निशान ऐसे छपे हैं, जिनका मिटना मुश्किल है... मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है.. हजारों लापता लोगों का कुछ पता नहीं चल रहा... विशेष की पहली रिपोर्ट देखिये और समझिये कि इस फ्लैश फ्लड का रूट क्या था... ये चीन नेपाल बॉर्डर से शुरू हुआ और फिर जैसे जैसे आगे बढ़ता गया.. गांव के गांव कस्बे के कस्बे साफ करता चला गया है.. पूरी रिपोर्ट देखिए.
विशेष में आज बात नेपाल में आए फ्लैश फ्लड की.. नेपाल में तबाही की ऐसी तस्वीरें आ रही हैं कि यकीन नहीं हो रहा... ऐसा लगता है कि जैसे कोई फिल्म का सीन हो... एक सामान्य सी नदी में इतनी भीषण बाढ़ कि लगता है कि प्रलय आ गई... छोटी छोटी घाटियों में पानी की ऐसी ऊंची ऊंची लहरें उठ रही हैं कि जैसे समंदर हो.. इतना पानी कि बस्ती की बस्तियां बर्बाद हो गईं.
चीनी के बाद अब प्याज की बारी आ गई है... देश के बड़े शहरों में प्याज 70 के पार चला गया है... और आशंका है कि इससे भी महंगा हो जाएगा.. लेकिन सवाल है कि क्यों.. हालांकि सरकार की तरफ से प्याज की महंगाई को रोकने की कोशिशें हो रही हैं.. नासिक से सरकार कांदा एक्सप्रेस चला रही है.. और खुद सस्ता प्याज बेचने भी जा रही है.. लेकिन इससे प्याज कितना सस्ता होगा.. और आम लोगों को जो प्याज 60 से 70 रुपये किलो मिल रहा है.. वो कितना कम होगा. देखें...
सिर्फ 2 घंटे की बरसात में सोमवार को दिल्ली-NCR डूब गया. सड़कों पर गड्ढ़ों में कहीं लोग गिरे, कहीं बाइक गिरीं, कहीं पेड़ ही गिर गए. सारे सरकारी दावे धरे के धरे रह गए, और थोड़ी देर की बारिश में ही दिल्ली-एनसीआर पानी-पानी हो गया. देखें विशेष.