बच्चे किसी के बी मरें, कत्ल करने वाला किसी का भी बच्चा हो पर असल में मरते हमेशा मां-बाप ही है. फिर चाहे वो मरने वाले बच्चे के मां-बाप हो या मारने वाले बच्चों के मां-बाप. अपने बेटे के मौत के बाद केतन के माता-पिता सो नहीं पा रहें तो वहीं दूसरी तरफ सिया के मां-बाप अपनी बेटी री सच्चाई जानने के बाद जी नहीं पा रहें.