हिमाचल प्रदेश में दावा है कि आर्थिक संकट की वजह से पहले सीएम-मंत्रियों ने दो महीने की सैलरी लेने से मना किया और अब तो कर्मचारयिों को ही तीन तारीख आ जाने के बाद वेतन नहीं दिया गया. दावा हो रहा है कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार एक तारीख को कर्मचारियों को न तो वेतन मिला है ना ही पेंशन.