ओडिशा के नबरंगपुर जिले में ईसाई और हिंदू समुदाय के बीच तनाव देखने को मिला. उमरकोट पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कपेना गांव में ईसाई समुदाय को चर्च के तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे घर में प्रेयर मीट रखने से रोका गया.
अधिकारियों के मुताबिक ईसाई समुदाय के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें एक घर में प्रार्थना सभा आयोजित करने से रोका गया. ये यह घटना सोमवार, 26 जनवरी की है.
26 जनवरी को लगभग 30 ईसाई परिवार कथित तौर पर उस घर में प्रार्थना सभा में शामिल हुए थे. पीड़ितों ने दावा किया कि सुबह लगभग 9 बजे ग्रामीणों के एक समूह ने सभा में बाधा डाली और उन्हें अपना धर्म त्यागने की धमकी दी.
ईसाई समुदाय को दी धर्म त्यागने की धमकी!
कपेना एक हिंदू बहुल गांव है, जहां कुछ ही परिवारों ने ईसाई धर्म अपनाया है. ईसाई समुदाय के सदस्यों का आरोप है कि विरोधी समूह ने लाउडस्पीकर के जरिए उन्हें अपनी धार्मिक प्रथाओं को छोड़ने की धमकी दी गई. उन्हें उनके प्रेयर रूम को तहस-नहस करने और परिवारों को गांव से निकाले जाने को लेकर धमकाया गया.
सुरक्षा के लिए तैनात किए गए पुलिसकर्मियों
उमरकोट पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (आईआईसी) रमाकांत साई ने कहा, 'कुछ लोग चर्च को उसके वर्तमान स्थान से स्थानांतरित करने की मांग कर रहे थे. लेकिन एक दूसरे समूह ने इसके लिए समय निकाला. इलाके में शांति बनाए रखने के लिए एक बैठक आयोजित की गई. किसी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है. हालांकि, घटना की जानकारी मिलने के बाद, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया.'