
मध्य प्रदेश शासन के पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने राज्य के वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया है. इसमें पहली बार दो हिंदू सदस्यों को शामिल किया है.
एक गजट अधिसूचना के अनुसार, डॉ सनवर पटेल को 10 सदस्यीय मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. बोर्ड में हिंदू सदस्यों के तौर पर मनोज मलपानी और अनिमेष भार्गव को शामिल किया गया है.
सरकार के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया, "मध्य प्रदेश नए अधिनियम के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।"
नये वक्फ बोर्ड में पूर्व केंद्रीय मंत्री और मणिपुर की राज्यपाल रहीं नजमा हेपतुल्ला, भोपाल उत्तर सीट से विधायक आतिफ अकील विधायक, उज्जैन से फैजान खान, इंदौर की फातेमा चौधरी, भोपाल बैरसिया से पार्षद शाइस्ता सुल्तान, रतलाम की शबाना खान, इंदौर के मनोज मालपानी, गुना राघौगढ़ के अनिमेश भार्गव और आयुक्त पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण को सदस्य बनाया गया है.

क्या होता है वक्फ बोर्ड?
बता दें कि वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है जिसे राज्य में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए स्थापित किया गया है। इसके मुख्य कार्यों में वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड रखना, उनके उपयोग और आय की निगरानी करना, उन्हें अतिक्रमण से बचाना और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि उनका उपयोग धार्मिक, शैक्षिक और सामाजिक कल्याण के उद्देश्यों के लिए किया जाए.
वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत गठित यह नया बोर्ड देश का पहला ऐसा राज्य-स्तरीय वक्फ बोर्ड है जिसमें हिंदू सदस्य शामिल हैं