ट्विशा शर्मा मौत मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है. मामले के गवाह नीरज दुबे ने आरोप लगाया है कि समर्थ सिंह के दोस्तों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी. घटना 30 तारीख की बताई जा रही है और मारपीट का वीडियो भी कैमरे में कैद होने का दावा किया गया है. नीरज दुबे कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में सांची पार्लर का संचालन करते हैं. उनका पार्लर गिरिबाला सिंह के घर के पास स्थित है. नीरज का कहना है कि वह ट्विशा शर्मा मौत मामले में गवाह हैं और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.
पीड़ित नीरज दुबे के अनुसार, मामले की शुरुआती जांच के दौरान एसआईटी ने पंचनामा तैयार किया था, जिसमें उन्हें गवाह बनाया गया था. नीरज ने आरोप लगाया कि समर्थ सिंह के दोस्त संदीप भट्टाचार्य और उसके साथ मौजूद अन्य लोगों ने उनसे पूछा कि वह इस मामले में गवाह क्यों बन रहे हैं. इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई. नीरज का कहना है कि 4 से 5 लोगों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी. उन्होंने इस संबंध में पुलिस को आवेदन दिया है. नीरज का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. हालांकि पुलिस ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
समर्थ से दोस्तों पर मारपीट का आरोप
नीरज दुबे ने यह भी कहा कि उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है. फिलहाल पुलिस उन्हें दोबारा थाने लेकर गई है और मामले में पूछताछ की जा रही है. इस बीच ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई भी लगातार जांच में जुटी हुई है. रिमांड अवधि समाप्त होने से पहले सीबीआई एक बार फिर समर्थ सिंह और उसकी मां गिरिबाला सिंह को लेकर उनके घर पहुंची. यहां पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन किया गया.
सीबीआई यह समझने की कोशिश कर रही है कि ट्विशा शर्मा को फंदे से किस तरह नीचे उतारा गया था. इसके लिए करीब 80 किलो वजन के डमी पुतले का इस्तेमाल किया गया. जांच एजेंसी ने घटनास्थल पर पूरे घटनाक्रम को दोहराकर परिस्थितियों का आकलन किया. जानकारी के अनुसार, समर्थ सिंह ने अपने बयान में कहा था कि उसने ही ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था, जबकि उसकी मां गिरिबाला सिंह ने जिमनास्टिक के फंदे की गांठ खोली थी. सीबीआई उस बेल्ट और लिगेचर की मजबूती की भी जांच कर रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि वह कितना वजन सहन कर सकती थी.
गवाह ने पुलिस से लगाई सुरक्षा की गुहार
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा की लंबाई अलग बताई गई थी, जबकि परिवार द्वारा बताई गई लंबाई इससे अलग थी. इसी कारण सीबीआई ने अलग ऊंचाई का एक दूसरा डमी पुतला भी तैयार कराया है, ताकि 12 मई को हुई घटना को सही तरीके से समझा और परखा जा सके. गवाह से मारपीट के आरोप और सीबीआई की लगातार जांच के बीच यह मामला अब और अधिक चर्चाओं में आ गया है.