सोना निकालने निकले थे... लेकिन जमीन के नीचे अपने ही दोस्त को दफना आए. यह हॉरर स्टोरी मध्य प्रदेश के रायसेन की है. यह ऐसा हत्याकांड है, जिसमें अंधविश्वास, लालच और तंत्र-मंत्र ने मिलकर एक इंसान की जान ले ली. पुलिस का दावा है कि तीन लोग गड़े धन (दफीना) की तलाश में जंगल पहुंचे थे. तांत्रिक क्रिया शुरू हुई. अगरबत्ती जलाई गई. फिर अचानक एक आवाज आई- धरती गर्म हो रही है... दफीना बलि मांग रहा है. इसके कुछ ही सेकंड बाद कुल्हाड़ी चली और विजय जैन नाम के बिजनेसमैन की जिंदगी खत्म हो गई. अब इस मामले में पिता-पुत्र समेत तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं.
रायसेन में रहने वाले विजय जैन 7 जुलाई की शाम घर से निकले थे. परिवार को लगा कि किसी काम से गए होंगे. लेकिन जब काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चला तो 9 जुलाई को गैरतगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई. परिवार को नहीं पता था कि जिस दोस्त के साथ विजय निकले थे, वही दोस्त उनकी जान ले लेंगे. जांच में पुलिस को पता चला कि विजय की घटना वाले दिन सबसे ज्यादा बातचीत प्रहलाद साहू से हुई थी.

आरोप है कि प्रहलाद ने विजय को बुलाया. विजय मोबाइल बंद करके उसके साथ बाइक से परासिया नदी की तरफ निकल गए. वहां पहले से प्रहलाद का बेटा टीकम साहू और करीम खान फावड़ा और कुल्हाड़ी लेकर मौजूद थे.
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पुलिस के मुताबिक, रात में नदी किनारे कथित तांत्रिक अनुष्ठान शुरू हुआ. अगरबत्ती जलाई गई. कुछ देर तक मंत्रोच्चार जैसा माहौल बनाया गया. फिर मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि धरती गर्म हो रही है... दफीना बलि मांग रहा है. पुलिस का आरोप है कि इतना कहते ही उसने इशारा किया. करीम खान ने कुल्हाड़ी उठाई और विजय की गर्दन पर वार कर दिया. विजय को प्रहलाद और उसका बेटा टीकम पकड़े हुए थे. कुछ ही पलों में विजय की मौत हो गई.
हत्या के बाद तीनों आरोपी शव को करीब 100 मीटर दूर ले गए. वहां गड्ढा खोदा गया और विजय के शव को मिट्टी में दबा दिया गया. जिस जमीन से उन्हें खजाने की उम्मीद थी, उसी जमीन में उन्होंने अपने साथी को दफना दिया.
अगर इस केस में किसी ने सबसे बड़ी गवाही दी, तो वह था मोबाइल फोन. कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन और डिजिटल साक्ष्यों ने पुलिस को सीधे आरोपियों तक पहुंचा दिया. शुरुआत में प्रहलाद ने पुलिस को मकान खरीदने-बेचने की कहानी सुनाई, लेकिन तकनीकी जांच के सामने उसकी कहानी ज्यादा देर टिक नहीं पाई.

पुलिस ने इस मामले में प्रहलाद साहू (64), उसके बेटे टीकम साहू (34) और करीम खान (35) को गिरफ्तार किया है. तीनों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, फावड़ा, बाइक और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं. तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली.
आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, फावड़ा, बाइक और तीनों के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. मृतक विजय जैन के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार भोपाल में किया गया, जहां उनका परिवार रहता है. हालांकि, पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है. यह भी देखा जा रहा है कि कहीं हत्या के पीछे कोई और वजह तो नहीं थी और आरोपियों के बयान उपलब्ध साक्ष्यों से कितना मेल खाते हैं.