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पन्ना पुलिस का गजब कारनामा... कार से हुआ एक्सीडेंट, FIR में डाल दी बाइक; वीडियो वायरल हुआ तो ASI सस्पेंड

Panna Police Insurance Scam Case: पन्ना जिले के शाहनगर में पुलिस ने कार एक्सीडेंट के मामले में फर्जी बाइक दिखाकर एफआईआर दर्ज की. सीसीटीवी वीडियो वायरल होने के बाद एसपी ने आरोपी ASI को सस्पेंड कर दिया है.

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CCTV में दिखी कार, पुलिस के कागजों में आई बाइक.(Photo:Screengrab)
CCTV में दिखी कार, पुलिस के कागजों में आई बाइक.(Photo:Screengrab)

मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में एक्सीडेंट के बाद बीमा क्लेम से जुड़ा एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां पुलिस अधिकारी पर आरोप है कि उसने सड़क दुर्घटना में शामिल वाहन ही बदल डाला. स्कूटी और कार की टक्कर को बाइक एक्सीडेंट बताकर एफआईआर दर्ज की गई. जब हादसे का वीडियो वायरल हुआ, तब जाकर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित एएसआई को निलंबित कर दिया है.

दरअसल, यह पूरा मामला पन्ना जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र का है. बीते 10 दिसंबर को दोपहर करीब 3 बजकर 38 मिनट पर धरमपुरा पेट्रोल पंप के पास दुल्लीचंद राठौर और उनकी छोटी बहू प्रिया सिंह का चार पहिया वाहन से एक्सीडेंट हुआ था. हादसे के बाद दोनों घायलों को शाहनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया, जहां से डॉक्टर सर्वेश लोधी ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए कटनी रेफर कर दिया. कटनी में दोनों का इलाज निजी अस्पताल में कराया गया.

चौंकाने वाली बात यह है कि इस दुर्घटना के 9 दिन बाद, यानी 19 दिसंबर 2025 को शाहनगर पुलिस द्वारा इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई. दर्ज अपराध क्रमांक 439/2025 में वास्तविक चार पहिया वाहन की जगह एक दो पहिया वाहन से दुर्घटना होना दर्शाया गया.

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FIR में जिस बाइक को दुर्घटना में शामिल बताया गया है, उसका रजिस्ट्रेशन नंबर (MP 20 ZC 9890) है, जबकि यह वाहन घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं था. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें साफ तौर पर चार पहिया वाहन से हादसा होते हुए दिखाई दे रहा है.

आरोप है कि शाहनगर थाने में पदस्थ एएसआई रामलखन पयासी द्वारा जानबूझकर तथ्यों में हेरफेर कर दो पहिया वाहन को मामले में शामिल किया गया, ताकि बीमा नियमों का लाभ उठाया जा सके.

स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि पुलिस द्वारा ऐसे मामलों को आय का जरिया बनाया जा रहा था.

बीमा क्लेम पास कराने की नीयत से दस्तावेजों और एफआईआर में बदलाव किया गया. यहां तक कि वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने अपने बचाव में पीड़ित से एफिडेविट और आवेदन भी बनवाया.

मामला सामने आने के बाद पन्ना पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने तत्काल संज्ञान लेते हुए शाहनगर थाने में पदस्थ एएसआई रामलखन पयासी को निलंबित कर दिया है. साथ ही पूरे मामले की जांच पवई SDOP भावना दांगी को सौंपी गई है.

इस घटना ने न सिर्फ शाहनगर थाना, बल्कि पूरी पन्ना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. खास बात यह है कि जब मीडिया ने इस मामले में शाहनगर थाना प्रभारी मनोज यादव से बात की, तो उन्होंने कैमरे पर बोलने से मना कर दिया.जबकि इस मामले में समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए थी.

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