scorecardresearch
 

दतिया में बगावत की आग: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से भड़के समर्थक, हाईवे जाम; BJP जिलाध्यक्ष समेत पूरी कार्यकारिणी का सामूहिक इस्तीफा

MP By-Election 2026: दतिया में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर भारी बवाल. समर्थकों ने किया हाईवे जाम, बीजेपी जिलाध्यक्ष समेत पूरी कार्यकारिणी का सामूहिक इस्तीफा. पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट...

Advertisement
X
टिकट कटने पर फूटा नरोत्तम समर्थकों का गुस्सा.(Photo:ITG)
टिकट कटने पर फूटा नरोत्तम समर्थकों का गुस्सा.(Photo:ITG)

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही BJP के भीतर असंतोष का ऐसा ज्वालामुखी फटा है, जिसने भोपाल से लेकर दिल्ली तक के नेतृत्व को हिलाकर रख दिया है. पूर्व संभागीय संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के विरोध में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थक उग्र हो गए हैं. दतिया शहर में कई जगह दुकानें बंद कर दी गई हैं, वहीं आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मुख्य हाईवे को पूरी तरह जाम कर टायर फूंकते हुए जमकर नारेबाजी शुरू कर दी है.

बवाल के बीच सबसे बड़ा झटका संगठन को लगा है. भाजपा के जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को अपना सामूहिक इस्तीफा भेज दिया है. पत्र में साफ तौर पर केंद्रीय नेतृत्व के फैसले को 'एकतरफा' और कार्यकर्ताओं का अपमान बताया गया है.

सभी भाजपा पार्षदों ने भी दिए इस्तीफे

कुशवाह ने पत्र में लिखा है, ''मैं रघुवीरसिंह कुशवाह जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी दतिया अपने समस्त कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से बातचीत करने के बाद निर्णय लेता हूं कि पार्टी द्वारा दतिया विधानसभा में होने जा रहे उपचुनाव में लिया गया निर्णय एकतरफा एवं पार्टी के कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करते हुये दिया गया है.

मैं अपने समस्त पदाधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, नगर पालिका दतिया अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, बड़ौनी पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, दतिया विधानसभा के 6 मण्डलों के अध्यक्ष, मोर्चा अध्यक्ष, दतिया, बड़ौनी के समस्त पार्षदगण तथा दतिया विधानसभा की 281 बूथों के अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सहित सामूहिक रूप से दायित्वों से इस्तीफा देते हैं. पार्टी चौबीस घण्टे में प्रत्याशी डॉ.नरोत्तम मिश्रा जी को नहीं बनाती है तो पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देंगे. पूरी ताकत से विरोध करेंगे.''

Advertisement

'आशुतोष तिवारी को कोई नहीं जानता, बिहार की तर्ज पर बदले टिकट'
हाईवे जाम कर रहे प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का कहना है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पिछले 15 सालों से दतिया का कायाकल्प किया है और वे लगातार तीन वर्षों से इस उपचुनाव की तैयारियों में दिन-रात पसीना बहा रहे थे.

प्रदर्शन स्थल पर मौजूद एक समर्थक ने तीखे लहजे में कहा, "आशुतोष तिवारी को दतिया की जनता और जमीनी कार्यकर्ता पहचानते तक नहीं हैं. अभी तो केवल 5% कार्यकर्ता सड़क पर आए हैं, अगर 100% कार्यकर्ता आ गए तो पूरा संभाग ठप हो जाएगा. यह जाम तब तक नहीं खुलेगा जब तक न्याय नहीं मिलता. जिस तरह बीजेपी ने बिहार के चुनावों में ऐन वक्त पर टिकट बदले थे, वैसे ही दतिया में भी पार्टी को अपना फैसला बदलना होगा." देखें VIDEO:- 

त्रिकोणीय दंगल में फंसी भाजपा, नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पर नजर
बता दें कि साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को करीब 7000 वोटों से हराकर भाजपा के इस अभेद्य किले को ढहा दिया था. पार्टी हाईकमान ने इसी हार के फीडबैक और आंतरिक सर्वे रिपोर्ट के आधार पर इस बार चेहरा बदलने का कड़ा कदम उठाया है.

यह भी पढ़ें: दतिया में BJP ने चौंकाया... नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा, आशुतोष तिवारी बने उम्मीदवार

Advertisement

लगातार क्षेत्र में सक्रिय और चुनाव प्रचार में जुटे पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के दावों को दरकिनार करते हुए पार्टी ने पूर्व संभागीय संगठन मंत्री और मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. आशुतोष तिवारी मूल रूप से दतिया के ही रहने वाले हैं और बीजेपी के बेहद पुराने कार्यकर्ता माने जाते हैं.

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा बेहद तेज है कि बीजेपी ने यह चौंकाने वाला फैसला काफी सोच-समझकर और जमीनी फीडबैक के आधार पर लिया है.

लेकिन जमीनी संगठन में नरोत्तम मिश्रा का दबदबा इस कदर हावी है कि पूरी की पूरी जिला इकाई बगावत पर आमादा हो गई है.

बाएं से आशुतोष तिवारी और नरोत्तम मिश्रा.

अब दतिया का यह उपचुनाव बेहद पेचीदा और दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है. राजनीतिक गलियारों में अब सबसे बड़ा सवाल यही तैर रहा है कि क्या नाराज जिला संगठन के दबाव में आकर बीजेपी आलाकमान अपना फैसला बदलेगा? और यदि फैसला नहीं बदलता है, तो डॉ. नरोत्तम मिश्रा अपने इन उग्र समर्थकों को कैसे शांत कराएंगे और क्या वे खुद आशुतोष तिवारी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने मैदान में उतरेंगे या भीतरघात की नई कहानी लिखी जाएगी.

दतिया में क्यों हो रहा उपचुनाव?

Advertisement

उपचुनाव की वजह कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता रद्द होना है. दरअसल, कोऑपरेटिव बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक बेहद पुराने आपराधिक मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली की एक अदालत ने राजेंद्र भारती को 3 साल की कैद की सजा सुना दी. सुप्रीम कोर्ट के कड़े नियमों के मुताबिक, सजा का ऐलान होते ही विधानसभा सचिवालय ने तुरंत राजेंद्र भारती की विधायकी रद्द कर दी, जिसके चलते दतिया में उपचुनाव की नौबत आई.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement