मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रस्तावित कांग्रेस की किसान महापंचायत से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर किसानों को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें देश और आस्था के सवाल पर आत्ममंथन करना चाहिए और महाकाल मंदिर में जाकर माफी मांगनी चाहिए.
कांग्रेस जहां इस महापंचायत को राष्ट्रीय किसान अभियान की शुरुआत बता रही है और अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को किसान विरोधी कह रही है, वहीं मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार के कार्यों को ऐतिहासिक बताया है. सीएम ने दावा किया कि सिंचाई विस्तार, टेक्सटाइल पार्क और सोयाबीन के लिए भावांतर योजना के तहत 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि देकर किसानों को समृद्ध बनाया गया है.
सरकार अब सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने और उड़द की खेती पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की तैयारी कर रही है.
'कपड़े उतारकर प्रदर्शन करना...'
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने 55 वर्षों में जो काम नहीं किए, वह उनकी सरकार ने कम वक्त में कर दिखाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में सबसे ज्यादा कॉटन मिलें बंद हुईं. एआई समिट के दौरान कांग्रेस के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए सीएम ने कहा कि कपड़े उतारकर प्रदर्शन करना गंदी मानसिकता है, जिससे देश और प्रदेश की छवि खराब होती है.
सरकार कृषि क्षेत्र में अपनी सफलता गिनाते हुए सरसों के रकबे में 27 प्रतिशत की वृद्धि का दावा कर रही है. सरसों को उचित मूल्य दिलाने के लिए भावांतर योजना लाने पर विचार हो रहा है. इसके अलावा, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए मूंग की जगह उड़द उगाने वाले किसानों को सरकार 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देगी.
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'किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम'
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोयाबीन किसानों के लिए 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता राशि का जिक्र करते हुए कहा कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है. उन्होंने दलहन उत्पादन में राज्य की बढ़त और मसूर, चना व उड़द के उपार्जन के प्रस्तावों की जानकारी दी. पीला मोजेक जैसी समस्याओं और मुआवजे के मामलों में भी सरकार राहत देने का प्रयास कर रही है.