मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाने के लिए कड़ा रुख अख्तियार किया है. सीधी जिले के औचक निरीक्षण और गुना में पुलिसिया लापरवाही के मामले में मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी और गुना एसपी अंकित सोनी को उनके पदों से हटाने के निर्देश दिए हैं.
CM यादव ने सीधी जिले में अचानक पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद किया. जनसंवाद के दौरान आमजन और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर शिकायतें कीं.
शिकायतों की समीक्षा के बाद सीएम ने कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को हटाने का निर्देश दिया. वहीं, जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को लापरवाही के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इसके अलावा, सीधी में निर्माणाधीन नए कलेक्ट्रेट भवन के काम में देरी को लेकर भी सीएम ने कड़ा ऐतराज जताया.
गुना SP पर गिरी गाज
गुना जिले में पुलिस द्वारा तलाशी के दौरान बरामद की गई नगद राशि में हेरफेर का मामला सामने आया था. मुख्यमंत्री ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) अंकित सोनी की भूमिका को संतोषजनक न मानते हुए उन्हें पद से हटाने के निर्देश दिए.
अफसरों को सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा करते हुए साफ किया कि जनकल्याण राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
मुख्यमंत्री ने कहा, "अधिकारी-कर्मचारियों को यह संदेश देना चाहता हूँ कि यदि वे फील्ड में रहकर आमजन की समस्याओं का निराकरण नहीं कर सकते तो उन्हें फील्ड पोस्टिंग का कोई अधिकार नहीं है."
इस औचक निरीक्षण और ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है. मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि योजनाओं के लाभ में पारदर्शिता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.