उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. आसमान से आग बरस रही है और धरती तप रही है. बांदा का तापमान 48 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है. मौसम विभाग (IMD) ने पहले ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, अब रेड अलर्ट जारी कर दिया है. लगातार कई दिनों से बांदा पूरे देश में सबसे गर्म जिला बना हुआ है. भीषण गर्मी के प्रकोप से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है.
बांदा में क्यों बढ़ रही गर्मी?
बांदा कृषि विश्वविद्यालय के प्रभारी मौसम विभाग डॉक्टर दिनेश शाह ने इंडिया टुडे से खास बातचीत में बताया कि बांदा में गर्मी बढ़ने के कई लोकल और प्राकृतिक कारण हैं. जिला कर्क रेखा (Tropic of Cancer) के बेहद करीब होने के कारण सूर्य की किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं. आसमान में बादल नदारद हैं, जिससे सूर्य की किरणों को कोई रोक-टोक नहीं मिल रही.
सबसे बड़ा कारण वन क्षेत्र का भारी कटान है. डॉ. शाह के अनुसार, आदर्श स्थिति में पेड़-पौधों का क्षेत्रफल 22-33 प्रतिशत होना चाहिए, लेकिन यहां मात्र 11-12 प्रतिशत ही शेष बचा है. पेड़ों की कमी से सीधी धूप जमीन को तपा रही है.
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इसके अलावा नदियों में पानी का अभाव, मोरंग क्षेत्र में हो रहा खनन, धूलकणों की अधिकता और उत्तर-पश्चिम की पछुवा हवाएं भी गर्मी बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रही हैं. सूखी नदियों और खनन वाले क्षेत्रों से सूर्य की किरणों का रिफ्लेक्शन (परावर्तन) हो रहा है, जिससे बैक रेडिएशन बढ़ गया है. ऊपर से सूर्य की आग और नीचे से गर्मी का उबाल, दोनों का मिला-जुला असर गर्मी को और बढ़ा रहा है.
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तापमान का बढ़ता ग्राफ
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 10 दिनों में तापमान में लगातार उछाल आया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार गर्मी सामान्य से कहीं ज्यादा है. पेड़ों की कटान, नदियों का सूखना, खनन गतिविधियां और पछुवा हवाएं मिलकर तापमान को बढ़ा रही हैं.
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प्रशासन अलर्ट, कूलिंग सेंटर एक्टिव
जिला प्रशासन भीषण गर्मी को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में है. एडीएम कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि पूरे जिले में कूलिंग पॉइंट और ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है. ब्लॉक स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक जगह-जगह ये केंद्र बनाए गए हैं. सभी सरकारी अस्पतालों (CHC और PHC) को अलर्ट कर दिया गया है और वहां भी कूलिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं. स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें. जारी की गई एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें. एडीएम ने बताया कि इस बार पिछले साल की तुलना में तापमान काफी अधिक है. देश के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप देखा जा रहा है, जिसका एक बड़ा कारण सुपर अल नीनो का प्रभाव माना जा रहा है. दूरगामी समाधान के लिए वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं.
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भीषण गर्मी से बचाव के लिए प्रशासन की तैयारियां जारी हैं, लेकिन राहत अभी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है. लोगों से अपील है कि वे पर्याप्त पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और लू से बचने के उपाय अपनाएं.