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समलैंगिक संबंध बनाने का दबाव, विरोध और मौत... एक महीने बाद खुला कत्ल का राज

भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में एक महीने पहले मिले युवक के शव के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. मृतक का मोबाइल फोन घटनास्थल से गायब था. इसी मोबाइल की तकनीकी जांच, IMEI ट्रैकिंग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंची. पूछताछ में हत्या की पूरी कहानी सामने आई.

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IMEI और CDR बने जांच ने खोला हत्या का राज. (Photo: Screengrab)
IMEI और CDR बने जांच ने खोला हत्या का राज. (Photo: Screengrab)

भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में मिले एक युवक के शव ने करीब एक महीने तक पुलिस को उलझाए रखा. घटनास्थल पर न कोई प्रत्यक्ष गवाह था और न ही ऐसा कोई सुराग, जिससे तुरंत आरोपी तक पहुंचा जा सके. पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर युवक की हत्या किसने की और इसके पीछे वजह क्या थी.  29 मई 2026 को झागरिया हाईवे स्थित इकोलॉजिकल पार्क के पास एक युवक का शव मिला था. शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया गया कि मौत करीब पांच दिन पहले हुई होगी. सुनसान इलाके में पड़े शव की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई.

पहचान की प्रक्रिया शुरू हुई तो मृतक की पहचान मंडीदीप निवासी राजेश राय के रूप में हुई. परिवार और परिचितों से जानकारी जुटाई गई, लेकिन शुरुआती जांच में ऐसा कोई स्पष्ट सुराग सामने नहीं आया जिससे सीधे किसी संदिग्ध तक पहुंचा जा सके. जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. इसी दौरान अधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण बात नोटिस की. मृतक का मोबाइल फोन मौके से गायब था. पुलिस को लगा कि यह सिर्फ चोरी का मामला नहीं हो सकता. संभव है कि मोबाइल फोन इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो.

अंधे कत्ल का राज मोबाइल में छिपा था

पुलिस ने मृतक के मोबाइल का IMEI नंबर निकाला और उसकी तकनीकी जांच शुरू की. इसके साथ ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR की भी जांच की गई. अधिकारियों ने मोबाइल की गतिविधियों को ट्रैक करना शुरू किया और यह पता लगाने की कोशिश की कि हत्या के बाद फोन कहां गया. कई दिनों की तकनीकी जांच के बाद पुलिस को पहली बड़ी सफलता मिली.

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मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस अजय सिंह मेवाड़ा तक पहुंची. जांचकर्ताओं को शक हुआ कि जिस व्यक्ति के पास मृतक का फोन पहुंचा है, वह इस मामले की अहम कड़ी हो सकता है. इसके बाद पुलिस ने अजय को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. शुरुआत में पुलिस उससे लगातार सवाल करती रही. मोबाइल उसके पास कैसे पहुंचा. वह मृतक को जानता था या नहीं. हत्या वाले दिन वह कहां था. जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ी, मामले की परतें खुलने लगीं.

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मृतक राजेश राय के संपर्क में आया था. बाद में वह उसे सुनसान इलाके में लेकर गया और समलैंगिक संबंध बनाने की कोशिश की. यहीं दोनों के बीच विवाद हुआ. पुलिस के अनुसार जब राजेश ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच झगड़ा हो गया.

जांच के मुताबिक, विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर राजेश का सिर पत्थर पर पटक दिया. सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई. एक पल में हुई यह हिंसा अब हत्या में बदल चुकी थी. पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी घबरा गया. उसने घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन उठा लिया और वहां से फरार हो गया. शायद उसे लगा होगा कि मोबाइल साथ ले जाने से वह अपनी पहचान छिपा लेगा या पुलिस तक कोई सुराग नहीं पहुंचेगा.

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लेकिन यही मोबाइल बाद में उसके खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बन गया. पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए फोन की लोकेशन ट्रैक की और धीरे-धीरे जांच आरोपी तक पहुंच गई. IMEI ट्रैकिंग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड ने पुलिस को वह रास्ता दिखाया, जिसकी तलाश जांच टीम पिछले कई दिनों से कर रही थी. कटारा हिल्स पुलिस के लिए यह मामला आसान नहीं था. घटनास्थल पर मौजूद सीमित सबूतों और गवाहों की अनुपस्थिति के कारण जांच पूरी तरह तकनीकी साक्ष्यों पर निर्भर हो गई थी. ऐसे में मोबाइल फोन की बरामदगी और उसकी जांच इस पूरे मामले का टर्निंग पॉइंट साबित हुई.

पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट किया

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल फोन की तकनीकी जांच ने केस की दिशा बदल दी. जिस सुराग की तलाश जांच टीम लंबे समय से कर रही थी, वह आखिरकार मोबाइल के जरिए मिल गया. आरोपी अजय सिंह मेवाड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस उससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी को स्पष्ट किया जा सके.

करीब एक महीने तक अंधे कत्ल की तरह दिखने वाला यह मामला अब खुल चुका है. एक सुनसान पार्क में मिला पांच दिन पुराना शव, घटनास्थल से गायब मोबाइल और तकनीकी जांच के जरिए आरोपी तक पहुंची पुलिस. इस मामले में सबसे दिलचस्प बात यही रही कि जिस मोबाइल फोन को आरोपी अपने साथ ले गया था, वही आखिरकार उसे पुलिस तक ले आया.

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