निखिल ने बताया कि तबले में जितना आप सीखेंगे, उतना कम लगेगा. आज भी सीख रहा हूं. इसका इतिहास और भविष्य इतना बड़ा है कि सीखना खत्म नहीं होगा. क्लासिकली सीखने के बाद अब मैं आज तबले के ताल को कॉमर्शियल म्यूजिक के साथ मिलाता हूं.
तबला पखावज से बना है. शिव तांडव के समय पखावज का उपयोग हुआ था. इसके बाद मैंने सोचा क्यों न तबले को भी उपयोग इसके लिए किया जाए. इसके बाद निखिल ने तबले से पूरा शिव तांडव स्त्रोत बजाया. इसे यूट्यूब पर 10 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले हैं.
तबले को कैसे इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक के साथ फ्यूज कर सकते हैं. हमारा पूरा परिवार दुर्गा माता का भक्त है. इसलिए मैंने दुर्गा स्त्रोतम का तबला मिक्स किया. इसे सोशल मीडिया पर डाला तो इसका रिसपॉन्स भी बहुत अच्छा आया. मैं डीजे स्नेक के ऑफिशियल स्टेज पर परफॉर्म करने वाला पहला भारतीय कलाकार हूं.
इसके बाद निखिल ने डीजे स्नेक के हिपहॉप नंबर पर तबला बजाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस फ्यूजन के बाद रितविज के गाने पर तबले की ताल बिठाई तो मंच के सामने बैठे युवा दर्शक तालियों से स्वागत करने लगे. फिर, तीन ताल द्रुत पर तबले को साधकर दिखाया.