उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'साहित्य आजतक 2026' का मंच सज चुका है. पहले दिन 'धर्म और अध्यात्म की ध्वजा' सेशन में स्पिरिचुअल गुरु आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज ने शिरकत की. जिसमें उन्होंने प्रेम की प्रचलित धारणाओं से लेकर सनातन धर्म में प्रेम का अर्थ बताया. देखें वीडियो.
लखनऊ में साहित्य आजतक 2026 के ढाई अक्षर प्रेम सत्र में कवि अनामिका अंबर, सुदीप भोला और विष्णु सक्सेना ने प्रेम, विरह, व्यंग्य और सामाजिक मुद्दों पर अपनी कविताओं से श्रोताओं को भावविभोर किया.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'साहित्य आजतक 2026' का मंच सज चुका है. पहले दिन 'इजहार-ए-इश्क' सेशन में नौजवान शायर-शायरा ने अपनी शायरी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. सभी ने वेलेंटाइन डे पर प्यार और मोहब्बत का इजहार करती शेर-ओ-शायरी से हर किसी का दिल जीत लिया. देखें वीडियो.
साहित्य आजतक लखनऊ के मंच पर ‘अपराध, माफिया और कहानियां’ विषय पर मनोज राजन त्रिपाठी, संजीव मिश्रा और पीयूष पांडेय ने चर्चा करते हुए कहा कि आज क्राइम की कहानियां इसलिए ज्यादा पढ़ी जाती हैं क्योंकि अपराध समाज का ‘न्यू नॉर्मल’ बन चुका है. हर इंसान के भीतर एक ‘ग्रे’ शेड मौजूद है.
Sahitya Aajtak Lucknow 2026: लखनऊ में साहित्य आजतक का आज आगाज हो गया है. आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरणजी महाराज ने साहित्य आजतक के मंच से प्रेम को लेकर कई अहम बातें शेयर की हैं. आचार्य ने सनातन में प्रेम का अर्थ भी बताया है.
साहित्य आजतक लखनऊ में स्टेज -2 पर 'गर्व से कहो हम हिंदू हैं' सत्र में प्रो. संजीव कुमार शर्मा और यतींद्र मिश्रा ने अपने प्रभावशाली विचारों को रखा. इस सत्र की शुरुआत हिंदू होने का जो आत्म गौरव पिछले कुछ सालों से परिलक्षित हो रहे हैं, इस आत्मबोध, इस ट्रेंड पर अपनी-अपनी बात रखने से हुई.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'साहित्य आजतक 2026' का मंच सज चुका है. कला, संस्कृति, गीत-संगीत, कविता और किस्सों-कहानियों के इस दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ 'भजन जैमिंग' सेशन के साथ हुआ. जिसमें रंगरेजा ग्रुप ने श्री राम स्तुति' 'श्री रामचंद्र कृपालु भजमन...' पर करुणामयी प्रस्तुति दी. देखें वीडियो.
साहित्य आजतक की लखनऊ महफिल के पहले दिन ‘इज़हार-ए-इश्क’ थीम पर नौजवान शायरों ने समां बांध दिया. पीयूष अग्निहोत्री ने वेलेंटाइन डे पर मोहब्बत और टूटे दिलों की नर्म-नोकझोंक भरी शायरी सुनाई तो वहीं चेतना बलहारा ने इकरार और लाज भरे इश्क को आवाज दी.
लखनऊ में 14 और 15 फरवरी को साहित्य आजतक 2026 का आगाज हो गया है. इसमें कविता, ग़ज़ल, संगीत, और साहित्यिक चर्चाएं शामिल हैं. पहले दिन हल्ला बोल चौपाल और दस्तक दरबार पर विभिन्न कवि, कलाकार और राजनेता हिस्सा ले रहे हैं.
BJP नेता स्मृति ईरानी ने साहित्य आजतक के मंच से तीन ताल पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होनें कहानी की ताकत पर जोर देते हुए बताया कि साहित्य की दुनिया में आज तक का सबसे बड़ा योगदान न केवल 'साहित्य आज तक' चैनल का है, बल्कि 'तीन ताल' नामक एक कार्यक्रम भी है जो हमारी भाषा की भव्यता को बहुत अच्छे तरीके से प्रस्तुत करता है.
BJP नेता मनोज तिवारी ने साहित्य आजतक के मंच से BJP वर्कर्स पर बड़ी बात कही. उन्होनें कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता अब टिकट से बहुत ऊपर महसूस करते हैं. वे अब खुद को प्रधानमंत्री जैसा मानने लगे हैं. यह भावना पार्टी के कार्यकर्ताओं के मन में एक बड़ा बदलाव दर्शाती है.
मशहूर गीतकार इरशाद कामिल ने सैयारा मूवी के हिट होने पर साहित्य आजतक के मंच से अपनी फ्रतिक्रिया दी. उन्होनें कहा कि सैयारा फिल्म इतनी बड़ी हिट साबित होगी कि इसे हर घर में गुनगुनाया जाएगा, यह आपको पहले से यकीन था या नहीं था यह अलग बात है. एक आर्टिस्ट के लिए सबसे बड़ी चुनौती उसका डर होता है।.
मशहूर गीतकार इरशाद कामिल ने साहित्य आजतक के मंच से लोगों को दिल छू लेने वाली शायरी सुनाई. जिसकी पंक्तियां कुछ इस तरह है. वो लड़की जो अपनी आंखों में चाहत का गहरा मझधार लेकर चलती थी, उसका दिल बेहद वफादार था. अचानक उसकी यादें मन में ताज़ा हो जाती हैं, वो जिसे भुलाना मुमकिन नहीं था.
बॉलीवुड एक्टर जयदीप अहलावत ने साहित्य आजतक के मंच से अपने एक्टिंग मे आने की कहानी सुनाई. शुरुआत में कई लोगों के मन में स्पष्ट लक्ष्य नहीं होता कि वे प्रोफेशनल एक्टर बनेंगे. कई बार केवल एक्टिंग से लगाव होता है जो सुकून देता है. कॉलेज और पीजी के दौरान नाटक करना वे अनुभव होते हैं जो आगे की राह में मदद करते हैं.
बॉलीवुड एक्टर जयदीप अहलावत ने साहित्य आजतक के मंच से अपना जीवन का एक मजेदार किस्सा सुनाया. उन्होनें बताया कि शादियों में उन्हें डान्स का काफी शौक था, वह अंजान लोगों की शादियों में भी नाचने के लिए कूद जाते थे. जिसके लिए उन्हें एक बार उनके पापा से डांट पड़ी थी, कि पूछ तो लिया करो किसकी शादी है.
साहित्य आजतक 2025 के आखिरी दिन एक्टर रणदीप हुड्डा ने शिरकत की. यहां उन्होंने अपने शुरुआती स्ट्रगल और एक्टिंग में दिलचस्पी के किस्से सुनाए. रणदीप ने ये भी बताया कि उनके पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे.
साहित्य आजतक के मंच पर एक्टर रणदीप हुड्डा ने अपने शुरुआती दिनों को याद किया जब वो ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने गए थे. वहां एक्टर ने कुछ वक्त के लिए टैक्सी भी चलाई थी, जिसके किस्से उन्होंने फैंस के साथ शेयर किए.
साहित्य के महाकुंभ 'साहित्य आजतक 2025' के तीसरे और अंतिम दिन मंच पर 'हर किरदार दमदार' सेशन में खासतौर पर आमंत्रित थे बॉलीवुड के मशहूर एक्टर अमोल पाराशर. इस दौरान उनसे हुईं क्या कुछ दिलचस्प बातें, जानने के लिए देखें इस पूरे सेशन का ये वीडियो.
साहित्य के महाकुंभ 'साहित्य आजतक 2025' के तीसरे और अंतिम दिन 'कुछ कहानियां' सेशन में खासतौर पर मौजूदगी थी युवा लेखक याहया बूटवाला और नीरज पांडे की. इस दौरान दोनों ने अपनी राईटिंग जर्नी, कविताओं और नई पीढ़ी के साहित्य पर खुलकर बात की. क्या कुछ रहा इस पूरे सेशन में खास, जानने के लिए देखें ये वीडियो.
साहित्य के सबसे बड़े महाकुंभ 'साहित्य आजतक' के तीसरे और आखिरी दिन 'ग्रैंड मुशायरा' में मशहूर शायरों शकील आज़मी, अज़हर इक़बाल, शबीना अदीब, शारिक कैफ़ी, ज़ुबैर अली ताबिश और आज़म शकरी ने शिरकत की और अपने बेहतरीन कलाम पेश किए. सुनें- ग्रैंड मुशायरा.
इंडियन आइडल 16 के टॉप कंटेस्टेंट्स में शामिल मनराज वीर, अमृता राजन, दिवाकर चौबे ने साहित्य आजतक के मंच से अपने सिंगिंग टैलेंट को शो किया. तीनों उभरते सितारों ने अपनी जर्नी पर भी बात की और साथ ही शाहरुख खान को उनके 60वें बर्थडे पर ट्रिब्यूट दिया.