दुनिया में हर 10 में से एक शख्स को कमर दर्द की समस्या है. आमतौर पर हम इसे रोजाना की भागदौड़ में नजरअंदाज कर देते हैं. शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या का इलाज नहीं किया गया तो ये पूरी लाइफस्टाइल को प्रभावित कर सकता है.
क्या आपको भी दिनभर काम करने के बाद निचले हिस्से में दर्द या फिर झुनझुनाहट महसूस होती है?
हाल में ही हुई एक स्टडी के अनुसार, स्टडी की मानें तो हमारी अनियमित दिनचर्या इसका प्रमुख कारण है.
इसके अलावा इसके कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं. उन्हीं में से एक सबसे प्रमुख कारण बॉडी पोश्चर भी है. बैठने का तरीका भी हमारे शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करता है. इसका सीधा सा मतलब ये है कि बैठने के तरीके को सुधारकर हम रोजाना होने वाले बॉडी पेन से राहत पा सकते हैं.
इसमें सबसे महत्पवूर्ण है कुर्सी पर बैठने का तरीका. ऐसे में रीढ़ की हड्डी पर काफी दबाव पड़ता है.
सिडनी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ स्टडी के के अनुसार, एशिया और अफ्रीका में ये समस्या सबसे ज्यादा है. अगर आपका बैठने का तरीका सही नहीं है तो आपकी पीठ और गर्दन में दर्द हो सकता है. ऐसे में ये जरूरी हो जाता है कि हम जो भी करें उसे करने के दौरान हमारा पोश्चर सही रहे. आपको ये जानकर आश्चर्य हो सकता है कि सही पोश्चर में बैठने से तनाव भी कम होता है.
ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर सही पोश्चर क्या होना चाहिए?
आप जब भी कुर्सी पर बैठे हों, कोशिश कीजिए कि आपकी पीठ बिल्कुल सीधी हो. आपके कूल्हे पूरी तरह कुर्सी की बैक को छूते हुए हों. आप चाहें तो संतुलन बनाने के लिए पीछे की ओर एक तौलिया रख सकते हैं.
बैठने के दौरान आपके घुटने आपके कूल्हों की तुलना में कुछ ऊंचाई पर होने चाहिए. इसके साथ ही आपकी कुर्सी और मेज के बीच भी समान दूरी होनी चाहिए. आपके टेबल और कुर्सी की ऊंचाई भी बहुत महत्व रखती है.
इन सारी बातों के साथ ही इस बात का भी विशेष ख्याल रखना चाहिए कि समय-समय पर आप अपनी कुर्सी से उठते रहें. देर तक एक ही पोश्चर में बैठे रहना खतरनाक हो सकता है.