
IAS Officer Sreekanth Reddy and IPS Sheshadri Reddy Simple Wedding: भारत में शादी सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन मानी जाती है. यही वजह है कि यहां शादियों को अक्सर ग्रैंड, महंगी और कई दिनों तक चलने वाला उत्सव बना दिया जाता है. कई बार तो ग्रैंड वेडिंग के चलते लड़की और लड़के वाले काफी उधार भी ले लेते हैं, जिसे चुकाने में उनकी हिम्मत जवाब भी दे जाती है. आए दिन सोशल मीडिया पर शादियों की फोटोज और वीडियो वायरल होते हैं, जिनमें हल्दी से लेकर रिसेप्शन तक अलग-अलग वेन्यू किया जाता है, जिसमें लाखों रुपये खर्च कर दिए जाते हैं. लेकिन इसी बिग-फैट-इंडियन वेडिंग ट्रेंड को चुनौती दी है, IAS अधिकारी श्रीकांत रेड्डी और IPS अधिकारी शेषाद्रिणी रेड्डी ने.
IAS अधिकारी श्रीकांत रेड्डी और IPS अधिकारी शेषाद्रिणी रेड्डी इन दोनों सुर्खियों में बने हुए हैं और इसकी वजह इन दोनों की शादी है. इस कपल की वेडिंग फोटोज पूरे इंटरनेट पर तहलका मचा रही है और लोग इन दोनों की खूब तारीफ भी कर रहे हैं तो कुछ फोटोज देखकर काफी हैरान हैं. हैरानी की वजह यह है कि दोनों ने बेहद ही सादे तरीके से शादी की है. जहां लोग अपनी सारी कमाई शादी में उड़ा देते हैं, वहां इन दोनों ने सिंपल वेडिंग से नई मिसाल कायम कर दी है. कांजीवरम साड़ी में दुल्हन शेषाद्रिणी बेहद सुंदर लग रही हैं और धोती-कुर्ते में श्रीकांत रेड्डी भी जंच रहे हैं.
श्रीकांत रेड्डी और उनकी वाइफ शेषाद्रिणी रेड्डी ने दिखा दिया कि शादी की असली खूबसूरती चमक-दमक में नहीं, बल्कि आपसी समझ, सम्मान और प्रेम में होती है. तेलंगाना के यादाद्रि भुवनगिरी जिले स्थित चौटुप्पल सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में हुई यह शादी किसी फिल्मी सेट जैसी नहीं थी. न कोई मंडप, न तेज म्यूज़िक, न डिजाइनर लहंगे और न ही सैकड़ों मेहमान.सिर्फ़ करीबी परिवार के सदस्य, कुछ सीनियर अधिकारी और सब-रजिस्ट्रार संदीप की मौजूदगी में श्रीकांत और शेषाद्रिणी ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और कानूनी तौर पर अपने रिश्ते को नाम दिया.

क़ुतुबुल्लापुर की DCP शेषाद्रिणी रेड्डी और प्रशासनिक ट्रेनिंग में जुटे IAS अधिकारी श्रीकांत रेड्डी ने शादी को एक दिखावे का इवेंट नहीं, बल्कि जिंदगी का अहम फैसला बनाए रखा. आज जब भारतीय वेडिंग इंडस्ट्री का साइज लगभग 10 लाख करोड़ रुपये बताया जाता है, ऐसे में इस जोड़े का सादी शादी सोसाइटी को एक स्ट्रॉन्ग मैसेज भी देती है. यह शादी सभी को 'लोग क्या कहेंगे' को पीछे छोड़कर यह बताती है कि कमिटमेंट एक शादी में सबसे जरूरी है.