मई-जून की इस भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का दिन का चैन और रातों की नींद छीन ली है. कूल-कूल मौसम में आसानी से सोने वाले लोग भी इन दिनों रात भर बेड पर सिर्फ करवटें बदलते रहते हैं. अगर आपको भी लगता है कि गर्मी के दिनों में आपकी नींद अचानक गायब हो जाती है या रात में बार-बार आंख खुलती है, तो आप अकेले नहीं हैं. मेडिकल की भाषा में इसे समर इन्सोमनिया (Summer Insomnia) कहा जाता है. इसके पीछे सिर्फ मौसम ही नहीं, बल्कि आपके शरीर का साइंस भी जिम्मेदार है.
बॉडी टेम्परेचर और नींद का गहरा कनेक्शन
साइंस के अनुसार, हमारे सोने और जागने के पैटर्न को शरीर का तापमान नियंत्रित करता है. अच्छी और गहरी नींद के लिए हमारे शरीर का अंदरूनी तापमान कम होना बेहद जरूरी है. जब हम सोने जाते हैं, तो हमारी बॉडी खुद को ठंडा करने की कोशिश करती है. लेकिन गर्मियों में कमरे का तापमान और उमस इतनी ज्यादा होती है कि शरीर का थर्मल रेगुलेशन सिस्टम ठीक से काम नहीं कर पाता. जब तक शरीर का तापमान कम नहीं होगा, दिमाग को सोने का सिग्नल नहीं मिलता, जिससे नींद आने में घंटों लग जाते हैं.
मेलाटोनिन हार्मोन का बिगड़ा बैलेंस
गर्मियों में नींद न आने की दूसरी बड़ी वजह है दिन का लंबा होना. जब सूरज देर से डूबता है और चारों तरफ रोशनी ज्यादा देर तक रहती है, तो हमारे दिमाग की नेचुरल क्लॉक कन्फ्यूज हो जाती है. रोशनी के कारण दिमाग में मेलाटोनिन नाम का स्लीप हार्मोन देर से रिलीज होता है. यही वजह है कि गर्मियों में रात 11-12 बजे तक भी आंखों में नींद का नामोनिशान नहीं होता. इसके अलावा, रात में पसीना आने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है, जिससे बेचैनी बढ़ती है और नींद बार-बार टूटती है.
रात को सुकून की नींद पाने के आसान हैक्स
इस समस्या से निपटने के लिए आपको अपने लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव करने होंगे. सबसे पहले, रात को सोने से ठीक पहले नॉर्मल या हल्के गुनगुने पानी से नहाएं. इससे शरीर का तापमान तुरंत गिरेगा और आपको जल्दी नींद आएगी. इसके साथ ही, रात का डिनर हमेशा लाइट और बिना मसाले वाला रखें, क्योंकि हैवी फूड को पचाने में शरीर ज्यादा हीट जनरेट करता है. शाम 6 बजे के बाद चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक्स जैसी कैफीन वाली चीजों से बिल्कुल दूरी बना लें, क्योंकि ये बॉडी को डिहाइड्रेट करती हैं और आपकी बची-कुची नींद भी उड़ा देती हैं.